अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए आज यानी गुरुवार का दिन बेहद अहम है। रायूज एवेन्यू स्थित विशेष CBI कोर्ट में लैंड फॉर जॉब (जमीन के बदले नौकरी) मामले में आज अदालत यह तय कर सकती है कि आरोप तय किए जाएँ या नहीं।
यह मामला उस समय से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव रेलवे मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-D और अन्य पदों पर भर्ती के बदले कई लोगों से लालू परिवार के नाम पर जमीन ली गई। CBI का कहना है कि यह जमीन बाजार मूल्य से कम कीमत पर ली गई और बदले में लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई। CBI ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य परिवार के सदस्यों समेत कई आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।
आज होगी सुनवाई
विशेष CBI जज विशाल गोगने आज यह तय करेंगे कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं। पिछली सुनवाई में अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 4 दिसंबर की तारीख तय की थी। अगर पर्याप्त सबूत पाए जाते हैं, तो लालू परिवार के लिए कानूनी परेशानी बढ़ सकती है। CBI ने अपने पक्ष में जमीन के दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े कागजात और कथित लाभ पाने वालों के बयान पेश किए हैं। दूसरी ओर, लालू परिवार का कहना है कि जमीन खरीद कानूनी तौर पर हुई थी और इसका रेलवे भर्ती से कोई संबंध नहीं है।
राजनीति में हलचल
इस मामले ने बिहार की राजनीति में फिर हलचल पैदा कर दी है। महागठबंधन इसे भाजपा की विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश बता रहा है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है।
इसे भी पढ़ें : 8 लाख के इनामी खूंखार वेल्ला सहित 12 नक्सली एनका’उंटर में ढ़ेर, तीन जांबाज शहीद

