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Ranchi : झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें जनता के लाभ में बदलना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य तेजी से आगे बढ़ेगा।
सहमति-असहमति से शासन चलता है : अध्यक्ष
अध्यक्ष ने कहा कि सदन की गरिमा तभी बनी रहती है जब मतभेदों के बावजूद संवाद की पवित्रता बनी रहे। विचारों की विविधता से सदन का “इंद्रधनुष” बनता है और सहमति-असहमति से शासन चलता है। उन्होंने विधायकों से सत्र में सक्रिय भागीदारी, सारगर्भित प्रश्न और तथ्यपूर्ण बहस की अपील की।
पांच दिनों का होगा शीतकालीन सत्र
इस शीतकालीन सत्र में कुल पांच कार्यदिवस होंगे। 8 दिसंबर से प्रश्नकाल शुरू होगा। वित्तीय वर्ष 2025–26 के द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी और विनियोग विधेयक पेश किए जाएंगे। 10 और 11 दिसंबर को राजकीय विधेयक और अन्य सरकारी कार्य होंगे। 11 दिसंबर को गैर-सरकारी सदस्यों के लिए विशेष समय निर्धारित है।
राज्य की विकास यात्रा
रवींद्र नाथ महतो ने झारखंड की रजत जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का अवसर है। उन्होंने 25 साल की विकास यात्रा को महत्वपूर्ण बताया। बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सशक्तिकरण और आजीविका में प्रगति हुई है, लेकिन दूरदराज क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार और आदिवासी-मूलवासी समुदायों का समावेशी विकास अभी प्राथमिकता है।
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