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Bhagalpur : भागलपुर के नवटोलिया चौका में रहने वाले विपिन मंडल की आवाज में शुक्रवार को एक पिता और पति की बेचैनी साफ सुनाई दे रही थी। जीरोमाइल थाना के बरामदे में खड़े विपिन बार-बार एक ही बात दोहरा रहे थे, “साहेब, मेरी बीवी दोनों बच्चों को लेकर भाग गयी… खोज कर ला दीजिये।”
स्कूल गयी, फिर वापस नहीं लौटी
गुरुवार को सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। दुर्गी देवी रोज की तरह चांदनी और सत्यम को तैयार कर प्राथमिक विद्यालय नवटोलिया चौका कार्तिक चौक बाबूपुर के लिए निकली थीं। घर से जाते हुए बच्चों ने हाथ हिलाकर पिता को मुस्कुराते हुए अलविदा कहा था। लेकिन स्कूल की घंटी खत्म होने के बाद भी तीनों घर नहीं लौटे। यही वह पल था जब विपिन की बेचैनी शुरू हुई।
हर रास्ता नापा, हर नंबर मिलाया, फिर भी कुछ नहीं
विपिन पहले स्कूल पहुंचे, फिर आसपास के हर रास्ते, हर गली और हर संभावित जगह की खाक छानी। रिश्तेदारों और परिचितों को बार-बार फोन किया। कोई भी कुछ नहीं बता पा रहा था। गांव के लोग भी हैरान थे, क्योंकि दुर्गी का कभी किसी से लफड़ा नहीं हुआ था। न घर में कोई तनाव, न बाहर कोई झगड़ा।
थाने में टूटी हिम्मत, उम्मीद का सहारा पुलिस
काफी खोजबीन के बाद जब कुछ हाथ नहीं लगा, तो विपिन थाने पहुंचे। वहां उनकी थकी आंखों में सिर्फ एक आस थी। उन्होंने थानेदार से कहा, “साहेब, मैं गरीब आदमी हूं। मेरी दुनिया यही तीन लोग हैं। आप ढूंढ दीजिए… बस मेरी बीवी और बच्चों को सही सलामत वापस ला दीजिए।” पुलिस ने आवेदन लिया और आश्वासन दिया कि खोज शुरू कर दी जाएगी।
जितनी जुबां, उतनी तरह की बातें
घटना के बाद गांव में कई जितनी जबां, उतनी तरह की बातें चलने लगीं। कोई कहता कि शायद वह मायके चली गई होंगी, कोई कहता किसी रिश्तेदार के यहां गई होंगी। कुछ लोगों ने हौले से कहा कि कहीं दोनों बच्चों को लेकर भाग गयी है। लेकिन मायके और बाकी सभी जगहों पर भी कोई जानकारी नहीं मिली।
विपिन की उम्मीद अभी भी जिंदा है
थाने से लौटते हुए विपिन बार-बार एक ही बात कह रहे थे, “मुझे भरोसा है पुलिस ढूंढ लेगी। मेरी चांदनी और मेरा सत्यम जल्दी घर आएंगे।” हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ रही है, लेकिन उम्मीद बाकी है। भागलपुर पुलिस अब इस मामले की तलाश में जुट गई है, और पूरा गांव दुआ कर रहा है कि यह परिवार जल्द फिर से एक साथ दिखे।
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