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Sitamarhi (Krishna Thakur, Sursand ) : सीतामढ़ी–सुरसंड–भिट्ठामोड़ एनएच-227 पर गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे बड़ा हादसा हो गया। रामबाग के पास यात्रियों से भरी एक बस और सामने से आ रहे ट्रक के बीच भयंकर टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बस और ट्रक के परखच्चे उड़ गये। वहीं दोनों के ड्राइवर स्टेयरिंग में फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सुरसंड की सड़क खून से लाल हो गयी। वहीं, जख्मी लोगों की चीख-चित्कार से पूरा इलाका दहल उठा।
ग्रामीणों ने बचाव में मदद की, पुलिस-प्रशासन तुरंत पहुंचे
टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ ही देर में सुरसंड थानेदार लालकिशोर गुप्ता, भिट्ठा थानेदार मनोज कुमार और नगर पंचायत अध्यक्ष पप्पू कुमार चौधरी भी पुलिस बल और स्थानीय लोगों के साथ राहत कार्य में जुट गए। घायलों को बस से निकालकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।

कौन थे मृत चालक
घटना में जान गंवाने वाले बस चालक की पहचान पुनौरा गांव के वृज किशोर सिंह उर्फ मीनू सिंह के रूप में हुई। ट्रक चालक मेराजुल हक कचहरीपुर गांव के निवासी थे। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेजा गया।
कैसे हुआ हादसा
गायत्री बस (BR 30 P 3511) सीतामढ़ी से भिट्ठामोड़ जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक बुरी तरह भिड़ गया। टक्कर के बाद बस 20 फीट नीचे खाई में पलट गई, जबकि ट्रक सड़क पर ही दाईं ओर रुका हुआ था। हादसे के बाद बस के अंदर चीख-चित्कार मच गई।
घायल यात्रियों की पहचान
घायलों को सुरसंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों में नीतू कुमारी और उनका बेटा आयुष कुमार (भुतहा गांव), रौशन कुमार झा (श्रीखंडी भिट्ठा), बबीता कुमारी, रामप्रताप मुखिया, पल्लवी कुमारी और उनके पिता राजकुमार साह, सुनील यादव (नेपाल, बारा जिला), रणजीत कुमार (मतौन गांव), राम सागर साह और खलासी शंकर साह शामिल हैं। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक यात्री हल्की चोटों के साथ निजी क्लीनिकों में इलाज करा रहे हैं।
अस्पताल में अलर्ट, अधिकारियों ने लिया हालात का जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही विधायक प्रो. नागेंद्र राउत अस्पताल पहुंचे और डीएम से बात की। डीएम ने आसपास के इलाकों से अतिरिक्त एंबुलेंस सुरसंड भेजने का निर्देश दिया। सदर अस्पताल में शाम से ही पूरा स्टाफ अलर्ट मोड पर था। डीएसपी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि कुल आठ घायलों को यहां लाया गया, जिनमें से एक की हालत थोड़ी गंभीर है। डॉक्टरों और कर्मियों ने बिना किसी देरी के इलाज शुरू किया।
अस्पताल में बढ़ी भीड़, माहौल गमगीन
अस्पताल के मुख्य द्वार से लेकर आईसीयू तक लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। हर कोई यह जानने की कोशिश में था कि उसका कोई परिचित हादसे में घायल तो नहीं हुआ। कई स्वजनों की रोने की आवाज से माहौल गमगीन हो गया। देर रात तक घायलों की पहचान और उपचार का सिलसिला चलता रहा। कई लोगों ने हादसे की वजह घना कोहरा बताया, जबकि कुछ का कहना था कि यह तेज रफ्तार और लापरवाही का नतीजा है। उधर, क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को हटाकर सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया।
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