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Hazaribagh : हजारीबाग के मुफसिल थाना क्षेत्र में एक ऐसा गिरोह एक्टिव था, जो लोगों की उम्मीद और भरोसे को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा था। रातें रंगीन करने यानी कि Escort Service के नाम पर ऑनलाइन फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को झांसा दिया जाता और उनसे पैसे ठगे जाते। इससे लोगों को न सिर्फ पैसों का नुकसान होता बल्कि कई पीड़ित मानसिक दबाव और डर में भी जीते थे।
एसपी को मिली इंफॉर्मेशन पर हुई कार्रवाई
बीते 25 दिसंबर को हजारीबाग पुलिस कप्तान अंजनी अंजन को एक गुप्त सूचना मिली। जानकारी थी कि मुफसिल थाना क्षेत्र के नुतननगर इलाके में चार युवक ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग में एक्टिव हैं। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई के लिए छापेमारी दल गठित किया। सदर एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में टीम जब नुतननगर पहुंची, तो चार युवक मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में लगे हुए थे। पुलिस को देख वे भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
आरोपियों की पहचान और बरामद सामान
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम विवेक कुमार, बादल मंडल, दीपक मंडल और शेखर कुमार बताए। सभी का स्थायी पता ग्राम मासीपीढ़ी, थाना बरकट्ठा है। वर्तमान में वे नुतननगर में रहकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड, 12 डेबिट कार्ड और 5 पैन कार्ड बरामद किए।
फर्जी वेबसाइट और डिजिटल पेमेंट से होती थी ठगी
जांच में सामने आया कि यह गिरोह फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए Escort Service का लालच देता था। संपर्क करने पर लोगों से UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे मंगवाए जाते थे। इसके बाद पीड़ितों को अलग अलग तरीकों से ब्लैकमेल किया जाता था, जिसे Sextortion कहा जाता है।
पुलिस की अपील और आम लोगों की सुरक्षा
हजारीबाग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन प्रलोभनों और फर्जी विज्ञापनों से सतर्क रहें। किसी भी तरह की ठगी या ब्लैकमेलिंग की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
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