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Pakur (Jaydev Kumar) : सुबह की कड़ाके की ठंड में गोकुलपुर मैदान में 10,000 दर्शक जमा थे। हाथ में चाय की प्याली, आँखों में उत्साह और ठंडी हवाओं के बीच हर कोई फुटबॉल के फाइनल का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का यह फाइनल मुकाबला सिर्फ खेल नहीं था, बल्कि लोगों के लिए एक उत्सव का अवसर भी था।
खिलाड़ियों की मेहनत और दर्शकों का उत्साह
मैच की शुरुआत में ही मालदा टीम ने बढ़त बनाई, लेकिन दुमका की टीम ने मैच को रोमांचक बना दिया। दूसरे हाफ में गोल करके स्कोर बराबरी कर दी, और मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक गया। मैदान में खड़े दर्शक हर पेनल्टी पर चीख-चिल्लाकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रहे थे। जब मालदा ने चार गोल कर जीत हासिल की, तो खुशी की लहरें पूरे मैदान में दौड़ गईं।
पुरस्कार और उत्सव का अहसास
विजेता मालदा टीम को 5 लाख रुपये और ट्रॉफी मिली, वहीं उपविजेता दुमका टीम को 4 लाख रुपये और ट्रॉफी दी गई। समाजसेवी लुतफुल हक ने पुरस्कार वितरित करते हुए कहा, “ऐसे आयोजन खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और समाज में खेल के महत्व को दर्शाते हैं।”
सांस्कृतिक रंग और घड़ा दौड़
खेल ही नहीं, बल्कि मनोरंजन का भी भरपूर इंतजाम था। घड़ा दौड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को बाँधे रखा। बच्चों की हँसी, प्रतियोगियों की मेहनत और दर्शकों की तालियों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।
स्थानीय सहयोग और यादगार पल
शहरकोल पंचायत के मुखिया विकास गोंड़ ने कहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद दर्शकों की उपस्थिति और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत यादगार रही। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की। विदेशी दर्शक भी इस उत्सव का हिस्सा बने और खेल को अंतरराष्ट्रीय रंग दिया।
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