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Pakur (Jaydev Kumar) : गांव की गलियों में अक्सर एक ही सवाल सुनाई देता है। पानी कब आएगा, पेंशन क्यों रुकी है, राशन कार्ड में नाम कब जुड़ेगा। अब इन सवालों के जवाब पाने के लिए ग्रामीणों को पंचायत भवन या ब्लॉक कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। पाकुड़ जिला प्रशासन ने पंचायत स्तर पर एक नई डिजिटल शुरुआत की है, जिसका नाम है ‘पंचायत मित्र’ ऐप।
जब समस्या ही सबसे बड़ी पहचान बन जाए
गांव में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूर अक्सर अपनी समस्या लेकर दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाते। किसी को काम छोड़ना पड़ता है, किसी के पास किराया नहीं होता, तो कोई जानकारी के अभाव में लौट आता है। पंचायत मित्र ऐप इन्हीं परेशानियों से जूझते ग्रामीणों के लिए तैयार किया गया है, ताकि समस्या ही उनकी पहचान बने और समाधान तक की राह आसान हो।
एक क्लिक में शिकायत, सीधा प्रशासन तक पहुंच
अब कोई भी ग्रामीण अपने मोबाइल से पेयजल, आवास, राशन, पेंशन, मनरेगा या स्वच्छता से जुड़ी शिकायत सीधे ऐप पर दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज होते ही वह संबंधित पंचायत और विभाग तक पहुंच जाती है। इसमें किसी सिफारिश या पहचान की जरूरत नहीं है, सिर्फ समस्या की सच्चाई ही काफी है।
भरोसे का सबसे मजबूत आधार बनी पारदर्शिता
इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि शिकायत करने वाला खुद देख सकता है कि उसकी समस्या किस स्थिति में है। काम शुरू हुआ या नहीं, समाधान हुआ या नहीं, सब कुछ मोबाइल स्क्रीन पर साफ दिखता है। इससे ग्रामीणों में यह भरोसा बन रहा है कि उनकी आवाज़ अब कहीं खो नहीं जाएगी।

प्रोजेक्ट प्राण से जुड़ी उम्मीदें
पंचायत मित्र ऐप को जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट प्राण के तहत विकसित किया गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है प्रशासन को अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाना। तकनीक को केवल सुविधा नहीं, बल्कि सेवा का जरिया बनाया गया है, ताकि शासन गांव के दरवाजे तक पहुंचे।
पंचायत प्रतिनिधियों को मिला नया सहारा
यह ऐप पंचायत प्रतिनिधियों के लिए भी राहत लेकर आया है। अब उन्हें समस्याओं की जानकारी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐप के जरिए वे अपने क्षेत्र की जरूरतों को समझ सकेंगे और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित कर सकेंगे। इससे पंचायतें सिर्फ कागज़ी इकाई नहीं, बल्कि भरोसे का केंद्र बनेंगी।
डीसी का संदेश, दूरी नहीं संवाद जरूरी
उद्घाटन के दौरान डीसी मनीष कुमार ने कहा कि पंचायत मित्र ऐप ग्रामीणों और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करेगा। शिकायत निवारण की प्रक्रिया आसान और समय पर होगी। डिजिटल माध्यम से गांव की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
गांव में बदलती सोच की कहानी
पाकुड़ के गांवों में अब यह एहसास गहराने लगा है कि समस्या कहना ही काफी नहीं, अब समाधान भी मिलेगा। पंचायत मित्र ऐप सिर्फ एक मोबाइल एप्लिकेशन नहीं, बल्कि गांव के भरोसे और सम्मान से जुड़ी एक नई शुरुआत है। यह पहल दिखाती है कि जब तकनीक और संवेदना साथ चलें, तो बदलाव सिर्फ कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर दिखता है।
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