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Ramgarh : एक फोन कॉल, एक बड़ी डील का सपना और भरोसे का ऐसा जाल, जिसमें फंसकर देश के कई कारोबारी अपनी जमा-पूंजी गंवा बैठे। कुछ ने पैसा खोया, तो एक कारोबारी ने अपनी जान।इन सब का सूत्रधार साइबर क्राइम की दुनिया का ‘बेताज बादशाह’ संटू उर्फ सिंटू उर्फ कुंदन निकला, जिसे रामगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
स्क्रैप कारोबारियों को बनाया निशाना
संटू और उसका गिरोह सोशल मीडिया पर लोहा, तांबा, एल्यूमिनियम और स्क्रैप के कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश करता था। प्रोफाइल देखकर संपर्क किया जाता, फिर भरोसे की बातें और बड़ी डील का लालच दिया जाता। सौ करोड़ से ऊपर की स्क्रैप डील का सपना दिखाया जाता, जिससे कारोबारी खुद पटना आने को तैयार हो जाते।
जब भरोसा बना सबसे बड़ा हथियार
पटना पहुंचते ही कहानी बदल जाती। मीटिंग के नाम पर बुलाए गए कारोबारी अपहरण का शिकार हो जाते। डर, मारपीट और मजबूरी के बीच उनसे कहा जाता कि पैसे अपने ही खाते में मंगवाओ। कई कारोबारी घर वालों से बात करते वक्त अपनी आवाज तक नहीं पहचान पाते थे। हर कॉल के पीछे मौत का साया होता था।
एक परिवार की जिंदगी जो लौटकर नहीं आई
महाराष्ट्र के पुणे में रहने वाले लक्ष्मण शिंदे भी इसी जाल में फंसे। फर्जी कंपनी की मीटिंग के बहाने उन्हें पटना बुलाया गया। एयरपोर्ट से अगवा कर हिलसा में रखा गया। परिवार से फिरौती मंगवाई गई। एटीएम पिन पूछा गया। बताने से इनकार करने पर उनके साथ मारधाड़ किया गया। इस मारधाड़ में लक्ष्मण शिंदे बेतरह जख्मी हुए और उनकी मौत हो गयी। चंद रुपयों की खातिर एक परिवार हमेशा के लिए उजड़ गया।
रामगढ़ में छुपा बैठा था ‘डिजिटल शिकारी’
इस वारदात के बाद संटू फरार हो गया। उसने रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र के एक गांव में किराए का कमरा लिया। आसपास के लोग उसे एक सामान्य युवक समझते रहे। कोई नहीं जानता था कि उसी कमरे से देशभर में ठगी का नेटवर्क चल रहा है। मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों के सहारे वह हर दिन नए शिकार तलाशता रहा।
सपनों से बना अपराध का साम्राज्य
ठगी से आए पैसों ने संटू की जिंदगी बदली। महंगे मोबाइल, बुलेट बाइक और लग्जरी गाड़ी उसके शौक बन गए। लेकिन जिन पैसों से उसकी जिंदगी चमकी, उन्हीं पैसों ने कई घरों में अंधेरा भर दिया। किसी ने जीवनभर की कमाई खोई, तो किसी ने अपनों को।
पुलिस की मेहनत और टूटता डर का जाल
एसपी अजय कुमार की देखरेख में रामगढ़ पुलिस की लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद आखिरकार संटू को पकड़ लिया गया। छह मोबाइल, नकद रुपये और वाहन बरामद हुए। पूछताछ में 1.60 करोड़ रुपये की ठगी और दर्जनों वारदातों की परतें खुलीं। पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी की नहीं, बल्कि एक खौफनाक नेटवर्क को तोड़ने की शुरुआत है। एसपी अजय कुमार क्या बता गये… दखें
पासवर्ड नहीं बताया तो टपका दिया था पुणे के कारोबारी को, रामगढ़ पुलिस ने दबोचा… क्या बता गये रामगढ़ एसपी अजय कुमार… दखें pic.twitter.com/MStYGd1MXb
— News Samvad (@newssamvaad) January 17, 2026
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