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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ समाहरणालय में एक अहम बैठक हुई, जिसमें जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के तहत चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। डीसी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 31 जनवरी तक सभी योजनाएं पूरी की जाएं और उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे।
गुणवत्ता और समय पर विशेष जोर
डीसी ने कहा कि केवल योजनाएं शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, उनका क्रियान्वयन त्वरित और गुणवत्तापूर्ण होना जरूरी है। “हम चाहते हैं कि हर निर्माण स्थल पर प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो और हर काम समय पर पूरा हो,” उन्होंने कहा।
स्थानीय लोगों के लिए आसान जानकारी
बैठक में डीसी ने यह भी कहा कि निर्माण स्थलों पर शिलापट्ट को साफ-सुथरा और स्पष्ट लगाया जाए। ताकि गांव के लोग जान सकें कि कौन-सी योजना कब और कैसे उनके लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी समस्याओं वाले क्षेत्रों में अधिकारियों को शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए समन्वय करने का निर्देश दिया गया।
वित्तीय पारदर्शिता और समय पर भुगतान
डीसी ने वेंडरों के भुगतान में देरी न होने के लिए अधिकारियों को चेताया। जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनकी अधियाचना जल्द तैयार कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इससे कार्य करने वालों को समय पर सहयोग मिलेगा और काम में निरंतरता बनी रहेगी।
खान-पान, स्वास्थ्य और शिक्षा तक असर
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण और अन्य अधोसंरचना विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। डीसी ने कहा कि DMFT कोष का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। “हर योजना का सीधा और सकारात्मक लाभ आमजन तक पहुँचना चाहिए,” उन्होंने जोर दिया।
सतत और समावेशी विकास का लक्ष्य
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि आपसी समन्वय, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। DMFT योजनाओं के माध्यम से जिले में सतत और समावेशी विकास को गति दी जाए। उनका मानना है कि अगर योजनाएं सही ढंग से लागू हों, तो गांव-गांव में बदलाव महसूस किया जा सकता है।
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