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Ranchi : एक तरफ परिवार की उम्मीदें, दूसरी तरफ नौकरी पाने का सपना और बीच में भरोसे का ऐसा सौदा, जो धीरे-धीरे डर और धोखे में बदल गया। गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र की रहने वाली आरती कुमारी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। रांची में नौकरी दिलाने के नाम पर उसे बुलाया गया, पैसे लिए गए और फिर उसे ऐसी जगह रखा गया जहां बाहर निकलने तक पर रोक थी। अब आरती ने इस पूरे मामले को लेकर पुंदाग ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरती का कहना है कि वह सिर्फ नौकरी नहीं चाहती थी, वह अपने परिवार की हालत भी संभालना चाहती थी। पढ़ाई के साथ काम करने का सपना लेकर वह रांची आई थी, लेकिन यहां उसे मिला धोखा और मानसिक प्रताड़ना।
एक फोन कॉल से शुरू हुई कहानी
आरती ने पुलिस को बताया कि सितंबर 2025 में रूपा कुमारी नाम की युवती ने उसे फोन किया। बातों में भरोसा था और आवाज में ऐसा यकीन दिलाने वाला अंदाज कि आरती को लगा, शायद उसकी जिंदगी बदलने वाली है। फोन पर कहा गया कि रांची में एक कंपनी में कंप्यूटर बिलिंग का काम दिलाया जाएगा। नौकरी के साथ रहने की व्यवस्था भी होगी और कमाई भी अच्छी होगी। आरती के लिए यह बात बड़ी थी, क्योंकि गांव से निकलकर शहर में नौकरी मिलना उसके परिवार के लिए भी उम्मीद की तरह था।
पैसे मांगे गए, भरोसा भी मांगा गया
आरती का आरोप है कि नौकरी पक्की करने के नाम पर उससे लगातार पैसे मांगे गए। कभी फॉर्म भरने के नाम पर, कभी ट्रेनिंग के नाम पर, कभी कंपनी में सेटिंग कराने के नाम पर। धीरे-धीरे यह रकम बढ़ती गई। पीड़िता के मुताबिक अलग-अलग किस्तों में उससे कुल 46 हजार रुपये लिए गए। कुछ रुपये नकद दिए गए और कुछ ऑनलाइन भेजे गए। आरती को भरोसा था कि जब नौकरी लग जाएगी तो सब ठीक हो जाएगा। लेकिन पैसा देने के बाद भी न नौकरी मिली और न रकम वापस हुई।
हॉस्टल में रहने लगी, लेकिन आजादी खत्म हो गई
आरती ने बताया कि उसे रांची में साहू चौक के पास एक हॉस्टल में रखा गया। शुरुआत में लगा कि यह सामान्य रहने की व्यवस्था होगी। लेकिन कुछ ही दिनों में उसे समझ में आ गया कि यह जगह हॉस्टल कम और नियंत्रण वाली जगह ज्यादा है। उसका आरोप है कि वहां लड़कियों को कमरे से बाहर निकलने नहीं दिया जाता था। बाहर जाने पर रोक थी और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करने दी जाती थी। सबसे बड़ी बात यह थी कि घरवालों से फोन पर बात करने पर भी रोक लगाई जाती थी। आरती का कहना है कि वह कई बार डर गई थी। उसे लगा कि वह यहां अकेली फंस गई है और बाहर निकलने का रास्ता भी नहीं दिख रहा।
परिवार से बात नहीं, बाहर निकलना मना
आरती के बयान के अनुसार, हॉस्टल में लड़कियों को लगातार यह डर दिखाया जाता था कि अगर किसी को कुछ बताया तो परेशानी बढ़ जाएगी। वहां रहने वाली लड़कियां खामोश रहती थीं। कोई ज्यादा सवाल नहीं पूछता था। आरती का कहना है कि कई बार उसने अपने घर फोन करना चाहा, लेकिन रोक दिया गया। उसे कहा जाता था कि परिवार से बात करने की जरूरत नहीं है, सब कुछ यहीं से मैनेज होगा। यह सब सुनकर उसके पिता और घरवालों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन आरती खुद भी खुलकर कुछ नहीं कह पा रही थी।
परीक्षा देने से भी रोका, पढ़ाई छूटने लगी
आरती का सबसे दर्दनाक आरोप यह है कि उसे 12वीं की परीक्षा देने से भी रोका गया। वह पढ़ाई के साथ नौकरी करने का सपना लेकर आई थी, लेकिन यहां पढ़ाई को ही रोक दिया गया। आरती ने बताया कि उसने परीक्षा की बात की तो उसे टाल दिया गया। कभी कहा गया कि अभी काम जरूरी है, कभी कहा गया कि बाद में देखेंगे। इस वजह से उसकी पढ़ाई बाधित हो गई और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हुई। आरती के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि उसके भविष्य की सीढ़ी थी, जो उसके हाथ से छीन ली गई।
जब भरोसा टूटा तो पिता के साथ पहुंची थाने
आरती ने बताया कि जब हालात ज्यादा बिगड़ने लगे और उसे लगा कि अब वह खुद को सुरक्षित नहीं समझ रही है, तब उसने किसी तरह अपने पिता दिलीप भगत को जानकारी दी। इसके बाद आरती अपने पिता के साथ पुंदाग ओपी पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने रूपा कुमारी समेत अन्य लोगों पर ठगी और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
पहले भी कई लड़कियों से ठगी का आरोप
आरती ने पुलिस को यह भी बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उसका दावा है कि पहले भी कई लड़कियों को नौकरी के नाम पर बुलाकर पैसे लिए गए हैं। फिर उन्हें इसी तरह डराकर रखा जाता है, ताकि वे किसी से शिकायत न कर सकें। आरती का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाली कुछ लड़कियां भी परेशान थीं, लेकिन डर की वजह से वे सामने नहीं आती थीं।
पुलिस जांच में जुटी
पुंदाग ओपी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसा किसके खाते में गया, किन लोगों ने पैसा लिया और जिस कंपनी का नाम लेकर बुलाया गया, वह असल में मौजूद है या नहीं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं, आरती अब न्याय चाहती है, ताकि उसके साथ जो हुआ, वह किसी और लड़की के साथ न हो।
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