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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : भुरकुंडा के सौंदा डी इलाके में शनिवार को पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा उबाल पर आ गया। जयनगर-पतरातू के ग्रामीणों ने ज्वेलरी शॉप संचालक के घर पर जमकर बवाल किया और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को घेर लिया। ग्रामीणों ने इल्ज़ाम लगाया कि चोरी के एक मामले में पूछताछ के नाम पर पुलिस ने दो निर्दोष युवकों को बेरहमी से पीटा, जिससे दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
यहां याद दिल दें कि बीते 16 जनवरी को सौंदा डी स्थित राजरत्न ज्वेलर्स और देवरत्न ज्वेलर्स में चोरी हुई थी। जांच के दौरान 22 जनवरी को पुलिस जयनगर से दिलीप प्रजापति और साकिब अंसारी को हिरासत में लेकर थाना लाई। परिजनों का आरोप है कि थाने में दोनों युवकों को घंटों यातना दी गई और लाठी-डंडे से पीटा गया। गंभीर चोट लगने के बाद दोनों को रांची के कांके स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पूछताछ के नाम पर थाने में पिटाई, सड़क पर उतरे ग्रामीण
मारपीट की जानकारी मिलते ही आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शनिवार सुबह करीब 11 बजे सौंदा डी स्थित ज्वेलरी संचालक के घर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। सूचना पर पहुंचे भुरकुंडा ओपी प्रभारी उपेंद्र कुमार को ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस वाहन भी आक्रोश की चपेट में आ गया।
पांच थानों की फोर्स उतरी, इलाके में घंटों तनाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए पतरातू के एएसपी सह एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, पतरातू सर्किल इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, पतरातू थानेदार शिवलाल गुप्ता, भदानीनगर ओपी प्रभारी अख्तर अली, बासल थानेदार कैलाश कुमार और बरकाकाना ओपी प्रभारी उमाशंकर वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे तक सौंदा डी में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

जनप्रतिनिधि मौके पर, लिखित आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
सूचना मिलने पर विधायक रोशनलाल चौधरी, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, जिला परिषद सदस्य राजाराम प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह बाबला समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को दोषियों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति नियंत्रित हो सकी।
एसपी को सौंपा गया मांग पत्र
ग्रामीणों ने रामगढ़ के एसपी के नाम मांग पत्र सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मांगों में शामिल हैं…
- मारपीट में शामिल दोषी पुलिस अधिकारी का तत्काल निलंबन
- दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मामला दर्ज
- घायल युवकों दिलीप प्रजापति और साकिब अंसारी के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन वहन करे
- इलाज अवधि के दौरान दोनों को पूरा वेतन दिया जाए
सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यशैली
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूछताछ के नाम पर कथित थर्ड Switch और निर्दोषों की पिटाई को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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