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Ranchi : राजधानी रांची की सड़कों पर पिछले कुछ समय से शोर एक आम परेशानी बन गया था। तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न और मोडिफाइड साइलेंसर न सिर्फ कानों को चुभते थे, बल्कि बुजुर्गों, मरीजों और आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित कर रहे थे। खासकर अस्पतालों के आसपास रहने वाले लोग रात की शांति खो चुके थे। यह परेशानी जब रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन के कानों तक पहुंची तो उन्होंने लोगों को राहत दिलने की ठान ली। तुरंत ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर को ठोस कमद उठाने का निर्देश दिया। परेशानी को समझते हुए ट्रैफिक पुलिस ने इस बार सिर्फ नियम नहीं, बल्कि इंसान की तकलीफ को केंद्र में रखकर कदम उठाया।
शिकायतों से शुरू हुई पहल
ट्रैफिक एसपी राकेश रंजन के अनुसार हाल के दिनों में कई बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों ने सीधे शिकायत की थी। उनका कहना था कि तेज आवाज के कारण मरीज ठीक से आराम नहीं कर पा रहे हैं और बुजुर्गों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। इन शिकायतों ने पुलिस को सोचने पर मजबूर किया कि यह सिर्फ ट्रैफिक नियमों का मामला नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति से जुड़ा मुद्दा है।
बुलडोजर का सख्त संदेश
इसी सोच के साथ शनिवार को राजधानी रांची में एक अलग नजारा देखने को मिला। ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में पुलिस ने जब्त किए गए प्रेशर हॉर्न और अवैध साइलेंसर को सार्वजनिक रूप से नष्ट किया। रोड रोलर के नीचे कुचले गये 596 प्रेशर हॉर्न और साइलेंसर सिर्फ लोहे के टुकड़े नहीं थे, बल्कि यह संदेश था कि शोर के खिलाफ अब सख्ती होगी।
रांची में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया। कुल 596 प्रेशर हॉर्न और अवैध साइलेंसर बुलडोजर से नष्ट किए गए। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई।#ranchipolice #pressurehorn #silencer #newssamvad #todaynews #jharkhandnews #ranchinews pic.twitter.com/iEag0fdTSE
— News Samvad (@newssamvaad) January 31, 2026
नियम से ज्यादा जिम्मेदारी पर जोर
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने साफ कहा कि तेज आवाज वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न नियमों के खिलाफ हैं, लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि इससे सड़क पर चल रहे लोगों का ध्यान भटकता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। उनका कहना था कि पुलिस का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षित और शांत माहौल बनाना है।
आम लोगों को होगी राहत
इस कार्रवाई के बाद कई स्थानीय लोगों ने राहत जरूर महसूस होगी। अस्पताल के पास रहने वाले एक बुजुर्ग ने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें उम्मीद जगी है कि रात में चैन की नींद मिल सकेगी। वहीं कुछ मरीजों के परिजनों का मानना है कि अगर ऐसे अभियान लगातार चलते रहे, तो शहर में शोर की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी। आगे भी जांच अभियान चलते रहेंगे और नियम तोड़ने वालों के वाहनों से अवैध साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न जब्त किए जाएंगे। साथ ही वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे तय मानकों का पालन करें और यह समझें कि सड़क सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि हर उस इंसान की है जो शांति और सुरक्षा चाहता है।
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