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Giridih : गिरिडीह की कारी पहाड़ी का जंगल उस सुबह खामोश नहीं था। पेड़ों के बीच फैली जली हुई गंध और अधजला शव एक ऐसी कहानी कह रहा था, जिसमें रिश्ते, भरोसा और इंसानियत सब राख हो चुके थे। 30 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे बगोदर थाना क्षेत्र के इसी जंगल में मिली एक अज्ञात महिला की अधजली लाश ने पूरे इलाके को दहला दिया था। शुरुआत में यह सिर्फ एक सनसनीखेज वारदात लग रही थी, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, कहानी ने ऐसा मानवीय और दर्दनाक मोड़ लिया, जिसने हर किसी को झकझोर दिया।
लापता होने से मौत तक का सफर
एसपी डॉ बिमल कुमार ने खुलासा किया कि जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के थाना क्षेत्रों से लापता महिलाओं की जानकारी जुटाई। इसी क्रम में डुमरी थाना क्षेत्र से 28 जनवरी को लापता शाहिना प्रवीण का मामला सामने आया। परिजनों को बुलाया गया। अधजले शव पर मिले कपड़े, चूड़ियां और निशानों ने उस आशंका को सच में बदल दिया, जिससे परिवार डर रहा था। शव शाहिना प्रवीण का ही था, जिसकी शादी जाबीर अंसारी से हुई थी। परिवार की आंखों के सामने बेटी की पहचान हुई। वह बेटी, जो दो दिन पहले तक घर लौटने की उम्मीद थी, अब सिर्फ एक जली हुई लाश बनकर रह गई थी।
भरोसे की हत्या
मृतका के पिता ताहुल अंसारी के आवेदन पर बगोदर थाना में हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए शाहिना के पति जाबीर अंसारी और उसकी मां जैबुन निशा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में जो सामने आया, वह किसी को भी सन्न कर देने वाला था। जिस पति के साथ शाहिना ने जिंदगी बिताने के सपने देखे थे, वही उसकी मौत का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के अनुसार जाबीर अंसारी दूसरी शादी करना चाहता था और शाहिना उसकी राह का रोड़ा बन रही थी।
साजिश और जघन्य अंजाम
जाबीर ने अपनी मां और साथियों के साथ मिलकर शाहिना को कारी पहाड़ी जंगल ले जाने की साजिश रची। वहां उसकी हत्या कर दी गई और पहचान मिटाने के लिए शव को जला दिया गया। इस जघन्य वारदात में वकील अंसारी उर्फ रॉकी, गुड्डू अली और सराफत अंसारी और दो नाबालिग लड़कों ने उसका साथ दिया।
सबूतों ने खोली परतें
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो बाइक, पांच मोबाइल फोन, मृतका के कपड़े, चूड़ियां, माचिस, बोतल और जूट का बोरा बरामद किया है। ये सभी सबूत उस रात की खामोशी में हुए अपराध की गवाही दे रहे हैं।
कानून के सामने आरोपी
गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया था, जिसमें एफएसएल, श्वान दस्ता, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ और तकनीकी टीम को लगाया गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
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