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Ranchi : सुबह के आठ बजे हैं। ऑफिस जाने की जल्दी है। स्कूल बसें सड़कों पर हैं। एंबुलेंस सायरन बजा रही है, लेकिन आगे लंबा जाम लगा हुआ है। बाइक सवार पसीने में भीग रहे हैं, ऑटो वाले सवारियों को समझा रहे हैं और कारों में बैठे लोग घड़ी देख-देखकर परेशान हो रहे हैं।
यह दृश्य रांची के लिए नया नहीं है। शहर की सड़कों पर रोज जाम से जूझती यही आम जिंदगी है। इसी परेशानी को समझते हुए शुक्रवार को रांची एसएसपी राकेश रंजन ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को लेकर एक अहम बैठक की।
जब फाइलों से निकलकर सड़क की परेशानी बनी मुद्दा
6 फरवरी को हुई इस बैठक में ग्रामीण एसपी प्रवीण, यातायात एसपी, डीएसपी, सभी थाना प्रभारी और ट्रैफिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सड़क पर चलने वाले आम लोगों की परेशानी को केंद्र में रखा गया।
एसएसपी ने अधिकारियों से सीधे सवाल किया- “कहां-कहां लोग सबसे ज्यादा फंसते हैं? स्कूल बच्चे, मरीज और बुजुर्गों को कहां सबसे ज्यादा दिक्कत होती है?” अधिकारियों ने शहर के कई ऐसे प्वाइंट बताए, जहां रोज जाम लगता है।
हर जाम के पीछे एक कहानी
बैठक में बताया गया कि कहीं अवैध पार्किंग की वजह से रास्ता सिकुड़ जाता है, कहीं ठेले-खोमचे सड़क पर लग जाते हैं, तो कहीं सिग्नल खराब होने से अफरा-तफरी मच जाती है। एक ट्रैफिक अधिकारी ने बताया, “कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती है, तब हमें बहुत बुरा लगता है।” यही वजह है कि अब ऐसे सभी जगहों पर विशेष नजर रखने का फैसला लिया गया।
जहां ज्यादा भीड़, वहां ज्यादा पुलिस
बैठक में तय किया गया कि जिन इलाकों में ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है, वहां नए ट्रैफिक पोस्ट बनाए जाएंगे। वहां जवान हमेशा मौजूद रहेंगे, ताकि जाम बनने से पहले ही स्थिति संभाल ली जाए। एसएसपी ने कहा, “पुलिस सिर्फ चालान काटने के लिए नहीं, लोगों की मदद के लिए है।”
सिग्नल और डिवाइडर से मिलेगी राहत
कई चौराहों पर आज भी बिना सिग्नल और डिवाइडर के गाड़ियां दौड़ती हैं। इससे आए दिन झगड़े और हादसे होते हैं। बैठक में फैसला हुआ कि जरूरी जगहों पर जल्द सिग्नल लाइट, डिवाइडर और बोलार्ड लगाए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक अपने-आप नियंत्रित रहे।
रात में भी नहीं होगी अनदेखी
अब तक रात के समय कई चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखती थी। इसका फायदा तेज रफ्तार और लापरवाह चालक उठाते थे। अब देर रात तक भी पुलिस तैनात रहेगी, ताकि रात में सफर करने वालों को भी सुरक्षित माहौल मिले।
जवानों को मिलेंगे बेहतर संसाधन
ट्रैफिक पुलिस के पास कई बार जरूरी उपकरणों की कमी रहती है। इसे देखते हुए आधुनिक उपकरण, बैरिकेड और वॉकी-टॉकी देने का फैसला लिया गया। एसएसपी ने कहा कि जब जवान मजबूत होंगे, तभी व्यवस्था मजबूत होगी।
लापरवाही पर नहीं चलेगी ढील
बैठक के अंत में एसएसपी ने साफ कहा कि अब ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर अधिकारी को अपने इलाके की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी। उन्होंने कहा कि फैसलों को जमीन पर उतारना सबसे जरूरी है।
आम लोगों की भी जिम्मेदारी
एसएसपी ने लोगों से भी अपील की कि वे गलत जगह गाड़ी न लगाएं, हेलमेट पहनें, नियमों का पालन करें और पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा, “शहर तभी सुधरेगा, जब पुलिस और जनता साथ चलेंगी।”
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