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Ramgarh (Rajrappa) : रजरप्पा मंदिर की सीढ़ियों पर शनिवार सुबह एक सादा, लेकिन भावुक दृश्य नजर आया। सीएम हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन और बच्चों के साथ मां छिन्नमस्तिका के दरबार में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। मौका खास था। उनकी शादी के 20 साल पूरे हो गए हैं। भीड़ और औपचारिकताओं के बीच परिवार के साथ बिताए गए ये पल निजी थे, शांत थे और रिश्ते की गहराई को महसूस कराने वाले थे।

आस्था के दरबार में सालगिरह
मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान से पूजा हुई। सीएम हेमंत और कल्पना ने साथ बैठकर भगवान का आशीर्वाद लिया। बच्चों की मौजूदगी ने इस मौके को और खास बना दिया। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तता के बीच यह एक ऐसा दिन था, जब राजनीति से ज्यादा परिवार और विश्वास की बात दिखी।

7 फरवरी 2006 से शुरू हुआ सफर
7 फरवरी 2006 को दोनों ने शादी के बंधन में कदम रखा था। आज उस रिश्ते के 20 साल पूरे हो गए। इन दो दशकों में जीवन ने कई मोड़ दिखाए। राजनीतिक उतार-चढ़ाव, जिम्मेदारियां, आलोचनाएं और चुनौतियां। लेकिन हर दौर में दोनों एक-दूसरे के साथ खड़े रहे। करीबी लोग बताते हैं कि यह रिश्ता सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि आपसी समझ और भरोसे पर टिका है। शायद यही वजह है कि यह जोड़ी राज्य की राजनीति में अलग पहचान रखती है।

सिर्फ जीवनसाथी नहीं, मजबूत सहारा
कल्पना सोरेन को अक्सर हेमंत सोरेन के राजनीतिक सफर की मजबूत साथी के रूप में देखा जाता है। कठिन फैसलों के समय हो या सार्वजनिक जीवन की चुनौतियां, वह हमेशा उनके साथ नजर आई हैं। कई मौकों पर उन्होंने खुलकर समर्थन दिया और परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए राजनीतिक माहौल में भी सक्रिय भूमिका निभाई। हेमंत सोरेन के करीबियों का कहना है कि निजी जीवन की स्थिरता ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में मजबूती दी। इस संतुलन में कल्पना की भूमिका अहम मानी जाती है।

‘लेडी लक’ की छवि
सोरेन परिवार में कल्पना को ‘लेडी लक’ के रूप में भी देखा जाता है। यह धारणा परिवार और समर्थकों के बीच अक्सर सुनने को मिलती है कि उनके आने के बाद कई सकारात्मक बदलाव हुए। हालांकि इसे आस्था और विश्वास का नजरिया भी कहा जा सकता है, लेकिन इतना साफ है कि परिवार में उनकी उपस्थिति को खास महत्व दिया जाता है।

एक शादी से शुरू हुई कहानी
बताया जाता है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बड़ी बेटी की शादी के दौरान ओडिशा में दोनों परिवारों की पहली मुलाकात हुई थी। वहीं से बातचीत आगे बढ़ी। पहली मुलाकात के बाद परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ और फिर 7 फरवरी 2006 को दोनों ने विवाह कर लिया। आज दो दशक बाद, वही रिश्ता समय की कसौटी पर खरा उतरता दिख रहा है।

निजी रिश्ता, सार्वजनिक असर
हेमंत और कल्पना सोरेन का साथ सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहा। राजनीति के मंच पर भी यह जोड़ी भरोसे और स्थिरता की तस्वीर बनकर सामने आई है। समर्थकों के लिए यह दंपती साझेदारी और संतुलन का उदाहरण है, तो विरोधियों के लिए भी यह एक सशक्त उपस्थिति। 20वीं सालगिरह पर रजरप्पा मंदिर में की गई पूजा सिर्फ एक रस्म नहीं थी। यह उन 20 सालों की याद थी, जिनमें साथ, संघर्ष, भरोसा और परिवार सब कुछ शामिल है। सार्वजनिक जीवन की चमक के पीछे एक साधारण दंपती की कहानी भी चलती रहती है। शायद यही इस रिश्ते की असली ताकत है।

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