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Ranchi : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक प्रस्तावित है। सत्र को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस मुख्यालय ने पहले ही कमर कस ली है। पूरे राज्य में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। रांची, धनबाद और जमशेदपुर के एसएसपी समेत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और रेल एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। यह निर्देश आईजी अभियान एस माइकल राज के आदेश पर जारी अधिसूचना के जरिए दिया गया है।
मंत्री और विधायकों की आवाजाही बनी प्राथमिकता
बजट सत्र के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से मंत्री और विधायक रांची पहुंचेंगे। सत्र के बीच वे अपने-अपने क्षेत्रों में भी जा सकते हैं। इस दौरान सड़क और रेल मार्ग पर उनकी आवाजाही बढ़ेगी।पुलिस का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की यात्रा के दौरान सुरक्षा सबसे अहम जिम्मेदारी है। इसलिए जिन रास्तों से उनका आना-जाना होगा, वहां पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं।
पहले की घटनाओं से सबक, इस बार नहीं लिया जाएगा जोखिम
अधिसूचना में साफ कहा गया है कि राज्य के कुछ इलाकों में पहले उग्रवादी घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश भी हुई है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार कोई जोखिम नहीं लेने का फैसला किया गया है। आशंका जताई गई है कि कुछ असामाजिक या उग्रवादी तत्व सत्र के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए पहले से ही चौकसी बढ़ा दी गई है।
सड़क और रेल मार्ग पर कड़ी निगरानी
पुलिस मुख्यालय ने सड़क और रेल दोनों मार्गों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। रोड ओपनिंग पार्टी को सक्रिय रखने को कहा गया है। इसका मतलब है कि जिन मार्गों से मंत्री और विधायक गुजरेंगे, वहां पहले सुरक्षा जांच की जाएगी। संदिग्ध वस्तु या गतिविधि मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। जंगल और घाटी वाले इलाकों में खास निगरानी रखने को कहा गया है, क्योंकि ऐसे स्थानों को पहले भी संवेदनशील माना जाता रहा है। रेल पुलिस को भी स्टेशन और ट्रेनों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इन मार्गों को संवेदनशील मानकर बढ़ाई गई सुरक्षा
पुलिस ने जिन सड़कों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है, उनमें निम्नलिखित इलाके प्रमुख है।
- रांची-बुण्डू-तमाङ सड़क : तैमारा घाटी
- रांची-हजारीबाग-कोडरमा सड़क : चुटूपालू, चरही, नेशनल पार्क, तिलैया घाटी
- हजारीबाग-बगोदर-गिरिडीह सड़क : टाटी झरिया, विष्णुगढ़, गिरिडीह घाटी
- रांची-सिमडेगा-गुमला सड़क : कोलेबिरा जंगल
- खूंटी-चाईबासा सड़क : बन्दगांव जंगल घाटी
- रांची-लातेहार-पलामू सड़क : आमझरिया, टुड़ामू, मनिका घाटी
- हजारीबाग-सिमरिया-चतरा पथ : सिमरिया, चतरा जंगल घाटी
- डालटेनगंज-छत्तरपुर-हरिहरगंज सड़क : जगल डाल्टनगंज-नेतरहाट पथ, बेतला, महुआडॉड-गारू घाटी
- रामगढ़-गोला-बोकारो नाग
- चतरा-पेलाबल-कटकमसाडी-हजारीबाग मार्ग
- चौपारण-बरही-बरकट्ठा-बगोदर मार्ग
- बगोदर-सरिया-जमुआँ मार्ग
- चान्हों-खलारी-सिमरिया मार्ग
- चतरा-बालूमाथ-चन्दवा-बुडू-चान्हों मार्ग
- हजारीबाग-सिमरिया मार्ग
- हजारीबाग-बड़कागांव-खेलारी मार्ग
- सरायकेला-खरसावा-कुचाई-दलभंगा मार्ग
- सिनी-खरसांवा मार्ग
- कान्ड्रा-चौका-माड मार्ग
इन इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इन इलाकों में गश्ती दल की संख्या बढ़ाई जाएगी और समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
आसूचना तंत्र को भी किया गया एक्टिव
सिर्फ सड़क पर गश्त बढ़ाना ही नहीं, बल्कि खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रहने को कहा गया है। स्थानीय स्तर पर सूचना संग्रह को तेज किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नए चेहरों की मौजूदगी या असामान्य हलचल की जानकारी तुरंत वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित समीक्षा बैठक करने और ग्राउंड रिपोर्ट लेने को कहा गया है।
जिलों को क्या दिए गए निर्देश
सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, वाहन जांच अभियान तेज करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल की मांग करने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में अस्थायी चेक पोस्ट बनाए जा सकते हैं। रात्रि गश्त को भी प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है ताकि रात के समय किसी तरह की गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
एहतियाती कदम, घबराने की जरूरत नहीं
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है। आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि सख्त जांच और चेकिंग के कारण कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा हो सकता है या यात्रा में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। लेकिन इसका मकसद सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि बजट सत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से पूरे राज्य में पहले से तैयारी कर ली गई है।
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