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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ नगर के कृष्णा कॉलोनी कालीभसान इस्कॉन मंदिर में मंगलवार की शाम कुछ अलग ही माहौल था। मंदिर के प्रांगण में हर ओर दीपों की चमक और फूलों की खुशबू फैली हुई थी। श्रद्धालु हर उम्र के, छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, अपनी अपनी भक्ति में डूबे हुए थे। यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के दिल में प्रेम, शांति और आत्मिक सुख का अनुभव कराने वाला महोत्सव था।
दीप प्रज्वलन : उम्मीद और आस्था की पहली किरण
शाम की बेला में डीसी मनीष कुमार, डीएसपी जितेन्द्र कुमार सिंह और अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। दीपक की पहली लौ जैसे हर चेहरे पर मुस्कान और श्रद्धा की चमक उभर रही थी। कई भक्तों की आंखें नम थीं, कुछ छोटे बच्चे उत्सुकता से दीपकों की ओर हाथ बढ़ा रहे थे। यही दृश्य इस महोत्सव की सबसे जीवंत तस्वीर बन गया।

गौर पूर्णिमा का संदेश : प्रेम, भाईचारा और आध्यात्मिकता
सत्यवाग प्रभु ने मंच से सभी श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उनके शब्दों में केवल जानकारी नहीं थी, बल्कि एक अनुभव था। उन्होंने बताया कि गौर पूर्णिमा भगवान चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। उनका कहना था कि यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम की भावना को अपने जीवन में उतारने का अवसर है। उन्होंने कहा, “आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमें अपने अंदर की शांति खोजने की जरूरत है। आध्यात्मिकता इसका नाम है… संसार में रहते हुए मानसिक शांति और सच्ची खुशी का अनुभव करना।” कई लोग ध्यान से सुन रहे थे, कुछ ने धीरे से हरिनाम जप शुरू किया। बच्चों के चेहरों पर भी समझ और श्रद्धा का मिलाजुला भाव नजर आया।

भजन-कीर्तन और अभिषेक ने बांधा सबका मन
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और अभिषेक का आयोजन हुआ। भजन गायिका संजू जायसवाल के मधुर सुरों ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। हर सुर में प्रेम और भक्ति झलक रही थी। दीपक ठाकुर नामक युवा कलाकार ने डीसी मनीष कुमार का पिताजी का चित्र लाइव बनाकर उन्हें भेंट किया। यह पल लोगों के लिए यादगार बन गया।

मंदिर में मौजूद भक्त हर अभिषेक और भजन के समय अपने अनुभव को एक-दूसरे के साथ साझा कर रहे थे। कोई कह रहा था, “ऐसा लगता है जैसे भगवान हमारे बीच ही मौजूद हैं,” तो कोई अपने बच्चों के साथ महाप्रसाद का आनंद ले रहा था।
महाप्रसाद और उत्सव का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। डीसी मनीष कुमार ने कलाकारों को मैडल पहनाकर सम्मानित किया और सभी को होली की शुभकामनाएं दी। मंच संचालन राज सिंह बग्गा, प्रतिक विष्णु, संदीपन, पवन, रितेश, रुपेश, जयदेव, अनिल, शिवम मास्टर और संजीव प्रभु ने किया।

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