अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Hazaribagh : हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित ‘मौत की घाटी’ यानी दनुआ घाटी में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जोड़रही पुल के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर करीब 60 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में ट्रेलर के खलासी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेतरह जख्मी ड्राइवर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई।
खाई में गिरा ट्रेलर
मिली जानकारी के अनुसार ट्रेलर (नंबर JH09BB 1081) बोकारो से बिहार की ओर जा रहा था। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे जब ट्रेलर दनुआ घाटी के जोड़रही पुल के पास पहुंचा, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। देखते ही देखते ट्रेलर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
खलासी की मौके पर मौत, ड्राइवर ने भी तोड़ा दम
दुर्घटना में ट्रेलर के खलासी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ड्राइवर पंकज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत काफी नाजुक थी। इलाज के दौरान ड्राइवर ने भी दम तोड़ दिया। करीब 35 साल का ड्राइवर बिहार के भाजपुर के हखरकपुर का रहने वाला था।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही चौपारण पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।
जोड़रही पुल को लेकर लोगों में नाराजगी
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि जोड़रही पुल काफी समय से खतरनाक बना हुआ है। पुल का डिवाइडर लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही के कारण इस जगह पर बार-बार हादसे हो रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
ग्रामीणों का कहना है कि जोड़रही पुल और दनुआ घाटी का यह इलाका पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह रह चुका है। अब तक सैकड़ों वाहन यहां दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से डिवाइडर की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
समय रहते मरम्मत होती तो बच सकती थी जान
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पुल के क्षतिग्रस्त डिवाइडर की मरम्मत कर दी जाती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते, तो शायद आज दो लोगों की जान नहीं जाती। अब लोग फिर से प्रशासन और संबंधित विभाग से इस जगह को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें : रांची सिविल कोर्ट को फिर धम’की, मेल में लिखा ‘14 साइनाइट ब’म से करेंगे वि’स्फोट’



