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Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन मंगलवार को सदन की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी के विधायक हाथों में पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए। उन्होंने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कुछ देर के लिए सदन का माहौल पूरी तरह गर्म हो गया और सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आमने सामने नजर आए।
बाबूलाल मरांडी ने उठाए कई गंभीर सवाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है और कानून व्यवस्था की हालत लगातार खराब हो रही है। उन्होंने दुमका की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मजदूर यूनियन के नेताओं को गोली मार दी गई, लेकिन अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मरांडी ने रजरप्पा और गिरिडीह की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला दिवस के दिन गिरिडीह में उपायुक्त के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मरांडी का आरोप था कि राज्य में बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा है और सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने इन सभी मुद्दों पर सदन में विस्तार से चर्चा कराने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि यह सरकार मुख्यमंत्री की नहीं बल्कि बाबुओं की सरकार बन गई है।
सरकार का जवाब, कानून व्यवस्था नियंत्रण में
विपक्ष के आरोपों पर संसदीय कार्य सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर कार्यमंत्रणा समिति में इन मुद्दों पर चर्चा का फैसला होता तो सदन में उस पर विस्तार से चर्चा कराई जाती। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नियंत्रण में है और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। मंत्री ने विपक्ष से कहा कि यदि किसी के पास कोई विशेष मामला है तो उसे सदन में रखा जाए, सरकार उस पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
सदन में बढ़ा तनाव, तिवारी महतो को किया गया मार्शल आउट
बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच माहौल और गरम हो गया। दोनों पक्षों के विधायक एक दूसरे के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इसी बीच मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विधायक तिवारी महतो की ओर हाथ का इशारा किया, जिसके बाद वे वेल में पहुंच गए। भाजपा के कई विधायक भी उनके साथ खड़े हो गए। यह देख विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो नाराज हो गए। उन्होंने आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो को मार्शल आउट करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद मार्शल उन्हें सदन से बाहर ले गए। हालांकि कुछ देर बाद वित्त मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दोबारा सदन में बुला लिया गया।
अल्पसंख्यक स्कूलों के छात्रों का मुद्दा भी उठा
हंगामे के बीच विधायक अरूप चटर्जी ने अल्पसंख्यक विद्यालयों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहे कई अल्पसंख्यक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने पूछा कि इन छात्रों को पाठ्यपुस्तक, कॉपी और मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का फायदा क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि इन विद्यालयों को अभी तक सरकारी स्कूल का दर्जा नहीं मिला है। इसी वजह से उन्हें सीधे तौर पर इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में प्रयास करेगी ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी जरूरी सरकारी सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार इस मामले में आगे कदम उठाने पर विचार करेगी।
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