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Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में आईटीआई करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 40 से ज्यादा नई आईटीआई में प्रवेश शुरू करने जा रही है। इसका सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो कम खर्च में तकनीकी और रोजगारपरक प्रशिक्षण लेना चाहते हैं। सरकार का फोकस साफ है—युवाओं को हुनरमंद बनाकर नौकरी और स्वरोजगार के लिए तैयार करना।
युवाओं को कौशल देकर रोजगार से जोड़ने की तैयारी
प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने पर तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी में 28 से ज्यादा नई आईटीआई पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा 15 से अधिक ऐसी आईटीआई, जिनका निर्माण लंबे समय से अधूरा था, उनका काम भी पूरा करा लिया गया है। अब सरकार इन संस्थानों में भी नए सत्र से पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी में है।
सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को उनके जिले या आसपास ही तकनीकी शिक्षा मिल सके, ताकि उन्हें दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
नए सत्र 2026-27 में खुलेगा प्रवेश
अप्रैल-मई 2026 में नए सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि जो नई आईटीआई तैयार हो चुकी हैं, उनमें भी इसी सत्र से एडमिशन शुरू कराया जाएगा।
इसके साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहयोग से जिन 15 अधूरी आईटीआई का निर्माण पूरा हुआ है, वहां भी पढ़ाई शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। यानी आने वाले सत्र में छात्रों के पास पहले से कहीं ज्यादा विकल्प होंगे।
16 हजार सीटें बढ़ेंगी, छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम के मुताबिक, हर आईटीआई में करीब 400 सीटों की व्यवस्था होगी। इस हिसाब से 40 से ज्यादा नई आईटीआई शुरू होने पर लगभग 16 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएंगी।
इसका मतलब यह है कि अब ज्यादा संख्या में छात्र-छात्राओं को आईटीआई में दाखिला मिल सकेगा। खास बात यह है कि सरकारी आईटीआई में कम शुल्क में प्रशिक्षण मिलता है, इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को इससे बड़ी राहत मिलने वाली है।
टाटा के सहयोग से आईटीआई हो रहीं अपग्रेड
प्रदेश में केवल नई आईटीआई ही नहीं खोली जा रहीं, बल्कि पुरानी संस्थाओं को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। दो चरणों में 200 से ज्यादा आईटीआई को टाटा के सहयोग से अपग्रेड किया गया है। इन संस्थानों में अत्याधुनिक मशीनें और बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इससे छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित पढ़ाई नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी मिल रहा है। यही वजह है कि अब आईटीआई को रोजगार से जोड़ने वाली शिक्षा के रूप में और मजबूती मिल रही है।
किन जिलों में शुरू होंगी नई आईटीआई
प्रदेश के कई जिलों में नई आईटीआई में प्रवेश शुरू किए जाएंगे। देवरिया में दो नई आईटीआई शुरू होंगी। इसके अलावा अयोध्या, अमरोहा, कानपुर देहात, आगरा, प्रतापगढ़, गोरखपुर, कासगंज, बिजनौर, हाथरस, बस्ती, एटा, श्रावस्ती, इटावा, चंदौली और औरैया में एक-एक नई आईटीआई शुरू होगी।
वहीं संतकबीरनगर, मुजफ्फरनगर और अमेठी में दो-दो नई आईटीआई शुरू होंगी। सिद्धार्थनगर में सबसे ज्यादा चार नई आईटीआई में प्रवेश शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे साफ है कि सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ा रही है।
स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू
नई आईटीआई खोलने के साथ-साथ उनमें पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके, इसके लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। विभाग ने प्रधानाध्यापक, कार्यदेशक, अनुदेशक और अन्य जरूरी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक, 28 प्रधानाध्यापक, 28 कार्यदेशक और 720 से ज्यादा अनुदेशकों के पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, भंडारी, चपरासी, परिचर, माली जैसे पद भी स्वीकृत कराए जा रहे हैं। यानी सरकार सिर्फ इमारतें तैयार नहीं कर रही, बल्कि उन्हें पूरी व्यवस्था के साथ शुरू करने की तैयारी में है।
छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला
यह फैसला उन युवाओं के लिए बेहद अहम है जो 10वीं या 12वीं के बाद जल्दी रोजगारपरक कोर्स करना चाहते हैं। आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, कंप्यूटर और कई तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में सीटें बढ़ने से युवाओं को हुनर सीखने और नौकरी पाने के ज्यादा मौके मिलेंगे।
साथ ही, जिन जिलों में अब तक आईटीआई की सुविधा सीमित थी, वहां के छात्रों को अपने ही इलाके में प्रशिक्षण मिल सकेगा। इससे ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर क्या है बड़ी बात
सीधी भाषा में समझें तो उत्तर प्रदेश में आईटीआई शिक्षा का दायरा बड़ा होने जा रहा है। 40 से ज्यादा नई आईटीआई, 16 हजार अतिरिक्त सीटें, आधुनिक मशीनों से ट्रेनिंग और स्टाफ भर्ती—इन सबके जरिए सरकार युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। आने वाले सत्र में आईटीआई में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए मौके पहले से कहीं ज्यादा होंगे।
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