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Pakur (Jaydev Kumar) : विश्व जल दिवस 2026 के मौके पर रविवार को पाकुड़ के रविन्द्र भवन टाउन हॉल में एक बड़ा जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने साफ कहा कि अगर अभी नहीं संभले तो आने वाले समय में पानी की किल्लत और गंभीर हो सकती है। इसलिए जल संरक्षण को हर घर तक पहुंचाना जरूरी है।
दीप जलाकर हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत डीसी मनीष कुमार, कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह, सहायक अभियंता और जिला समन्वयक सुमन मिश्रा ने मिलकर दीप जलाकर की। शुरुआत में ही पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य साफ कर दिया गया कि पानी बचाने को लेकर लोगों को जागरूक करना सबसे जरूरी है।
जल महोत्सव के तहत चल रहे अभियान
सहायक अभियंता ने बताया कि जिले में “जल महोत्सव” के तहत कई गतिविधियां चल रही हैं। गांव-गांव में रैली निकाली जा रही है, स्कूलों में बच्चों के बीच चित्रांकन और निबंध प्रतियोगिता हो रही है और जल स्रोतों की सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
तकनीकी सत्र में लोगों को यह भी बताया गया कि कैसे घर और गांव स्तर पर पानी को बचाया जा सकता है।

पुराने तालाबों से लेकर चापाकल तक पर काम
कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने बताया कि विभाग की तरफ से कई स्तर पर काम हो रहा है। पुराने तालाबों को फिर से ठीक किया जा रहा है, खराब चापाकलों की मरम्मत हो रही है और गांवों में सोखता गड्ढे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का असर दिखने लगा है और कई जगह भूजल स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि जलापूर्ति योजनाओं की देखभाल में भी सब मिलकर सहयोग करें।
पानी बचाना अब आदत बनानी होगी
डीसी मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पानी सिर्फ जरूरत नहीं, जीवन की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहारों और परंपराओं में भी पानी का खास महत्व रहा है, लेकिन आज उसी पानी को हम बेवजह बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पानी का अनियंत्रित उपयोग, जल स्रोतों पर कब्जा और प्रदूषण नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हालात और खराब होंगे।
लोगों को दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। सभी ने यह संकल्प लिया कि पानी की बर्बादी नहीं करेंगे और अपने आसपास के जल स्रोतों की रक्षा करेंगे।

जल सहिया दीदियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में उन जल सहिया दीदियों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने गांव स्तर पर पानी बचाने और लोगों को जागरूक करने में अच्छा काम किया है। उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे बाकी लोगों को भी प्रेरणा मिल सके।

जन आंदोलन बनाने की अपील
अंत में डीसी ने कहा कि जल संरक्षण को सिर्फ सरकारी काम समझने की जरूरत नहीं है। यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। अगर हर घर और हर गांव इस दिशा में कदम उठाएगा, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाया जा सकेगा।
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