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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ जिले का पतरातू इलाका शनिवार की अहले सुबह एक बार फिर गोलियों की आवाज से गूंज उठा। आमतौर पर जिस वक्त लोग नींद में होते हैं और सड़कें सुनसान रहती हैं, उसी वक्त बाइक सवार अपराधियों ने ओसमा दूध फैक्ट्री के गेट पर पहुंचकर कई राउंड फायरिंग कर दी। कुछ ही सेकंड में इलाके की शांति डर में बदल गई। लोग घरों के दरवाजे बंद कर अंदर दुबक गए और फैक्ट्री के आसपास अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस गोलीकांड में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन अपराधियों का मकसद साफ दिख रहा था, डर फैलाना और पुलिस को खुली चुनौती देना।

नकाब, हेलमेट और बाइक… अपराधियों की तैयारी पहले से थी
सूत्रों के अनुसार, एक बाइक पर सवार दो अपराधी पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। दोनों ने चेहरा ढंक रखा था और हेलमेट लगाए हुए थे ताकि पहचान न हो सके। बाइक जैसे ही फैक्ट्री गेट के पास रुकी, अपराधियों ने बिना कुछ कहे हवा में गोलियां चलानी शुरू कर दीं। कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो कोई फिल्मी सीन चल रहा हो, लेकिन यह हकीकत थी और सामने थी पतरातू की कानून व्यवस्था। फायरिंग के बाद अपराधी उसी बाइक से तेजी से फरार हो गए। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक वे आंखों से ओझल हो चुके थे।
लोगों के चेहरे पर डर, जुबान पर एक ही सवाल
गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। कई लोगों ने खिड़की और दरवाजे के पीछे से झांककर देखा, लेकिन किसी ने आगे बढ़कर रोकने की कोशिश नहीं की। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि अब पतरातू में सुबह हो या शाम, हर वक्त डर बना रहता है। कोई नहीं जानता अगली गोली किसके लिए होगी। स्थानीय लोगों की जुबान पर बस एक ही सवाल है कि जब अपराधी खुलेआम फैक्ट्री गेट पर गोलियां चला सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा कौन करेगा?

सात दिन पहले भी चली थी गोली, अब फिर अपराधियों का दुस्साहस
यह पहली घटना नहीं है। पतरातू थाना क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि 27 मार्च की रात करीब सात बजे पतरातू रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज निर्माण कार्य में लगी कंपनी के सुरक्षा गार्ड प्रदीप राजवंशी को गोली मार दी गई थी। बताया गया कि राहुल दुबे गैंग के गुर्गों ने इस घटना को अंजाम दिया था। गनीमत यह रही कि गोली कमर से नीचे लगी। अगर गोली ऊपर लगती, तो जान भी जा सकती थी। उस घटना का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया और इससे पहले कि पुलिस किसी नतीजे तक पहुंचती, अपराधियों ने एक और वारदात कर दी।
पुलिस की चुप्पी भी बना रही है कहानी को और गंभीर
घटना के बाद सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस मामले में कुछ भी बोलने से बचती नजर आई। जब एएसपी सह पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी से मोबाइल पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर कॉल काट दिया। वहीं पतरातू थानेदार को फोन किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार रिंग करता रहा और कोई जवाब नहीं मिला।
अपराधियों के हौसले बुलंद, पतरातू में बढ़ती बेचैनी
इलाके के लोग अब यह मानने लगे हैं कि अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। उनका कहना है कि पतरातू में अब अपराधियों को न कानून का डर है, न पुलिस का। फायरिंग की घटना सिर्फ गोलियां चलाने तक सीमित नहीं है, यह इलाके में फैलते अपराध के उस खतरे की तस्वीर है जो धीरे-धीरे आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है।
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