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Ranchi : रांची में निजी विद्यालयों द्वारा फीस निर्धारण नियमों की अनदेखी का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। अब इस पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने खुलकर नाराजगी जताई है और जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दे दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने साफ कहा है कि अगर तय समय में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन कोर्ट जाने को मजबूर होगा। यह पूरा मामला रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में बनी जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की हालिया बैठक के बाद सामने आया है। बैठक में निजी स्कूलों की फीस, किताब, ड्रेस, परिवहन सहित कई जरूरी मुद्दों पर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए गए थे।
समिति की बैठक में क्या तय हुआ था
जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की बैठक में साफ तौर पर कहा गया था कि निजी स्कूल केवल स्कूल स्तर की शुल्क समिति की सहमति से ही अधिकतम 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकते हैं। इससे ज्यादा बढ़ोतरी के लिए जिला स्तरीय समिति से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्कूलों को कई और नियमों का पालन करने का निर्देश भी दिया गया था।
किताब, यूनिफॉर्म और PTA को लेकर भी निर्देश
बैठक में कहा गया था कि स्कूलों में PTA यानी अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन जरूरी होगा, ताकि फीस और अन्य फैसलों में पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही यह भी तय किया गया कि स्कूलों में NCERT आधारित किताबों का पालन हो, यूनिफॉर्म का बदलाव तय अंतराल में ही किया जाए और किसी अभिभावक को किसी एक दुकान से किताब या ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
अजय राय का आरोप : खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया है कि रांची के कई निजी स्कूल इन नियमों को मानने के बजाय मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई स्कूल एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज जैसे अलग-अलग मदों में भारी रकम वसूल रहे हैं। इसके अलावा अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताब और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अजय राय का कहना है कि PTA और शुल्क समिति गठन जैसे नियमों का भी सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं हुई कार्रवाई तो जाएंगे कोर्ट
अजय राय ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन द्वारा नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
अभिभावकों से अपील : शिकायत जरूर करें
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने रांची के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे आगे आएं और स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराएं। संगठन का कहना है कि जितनी ज्यादा शिकायतें सामने आएंगी, उतनी मजबूत कार्रवाई संभव होगी।
शिकायत कहां और कैसे दर्ज कराएं
- लिखित शिकायत का पता : कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, रांची
- नामित नोडल पदाधिकारी : जुही रानी (क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रांची सदर)
- व्हाट्सएप शिकायत नंबर : 9430328080
नियम तोड़ने पर स्कूलों पर जुर्माना और मान्यता रद्द करने का प्रावधान
जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित निजी स्कूलों पर 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर मामला गंभीर पाया गया तो स्कूल की RTE मान्यता (अनापत्ति प्रमाण पत्र) भी रद्द की जा सकती है।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
एसोसिएशन ने कहा है कि स्कूलों की फीस, किताब, यूनिफॉर्म और अन्य खर्चों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। अभिभावकों को बार-बार आर्थिक दबाव में डालकर परेशान करना गलत है। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने दोहराया कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर अभिभावक के अधिकारों की है और इसे मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
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