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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड के पाकुड़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया है। पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के शहरकोल इलाके में स्थित एक खदान से 28 वर्षीय कान्हु किस्कू का शव बरामद किया गया। कान्हु पिछले सोमवार से लापता थे और परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा था।
घरवालों को उम्मीद थी कि कान्हु किसी काम से बाहर चले गए होंगे और जल्द लौट आएंगे। लेकिन दिन गुजरते गए और कान्हु का कोई पता नहीं चला। फिर परिजनों ने थाने में इसकी सूचना दी।
घर में हर दिन बढ़ता गया डर, लेकिन उम्मीद नहीं टूटी
कान्हु किस्कू का घर बेहद साधारण है। परिवार की जिंदगी मेहनत पर चलती थी। कान्हु घर के कमाने वाले सदस्य थे। उनके लापता होने के बाद परिवार का सहारा जैसे टूट गया। पहले दिन घरवालों ने सोचा कि शायद किसी रिश्तेदार के यहां चले गए होंगे। दूसरे दिन गांव में तलाश शुरू हुई। तीसरे दिन चिंता गहरी हो गई और चौथे दिन तक घर का माहौल डर और बेचैनी में बदल गया। घर की महिलाओं की आंखें हर वक्त दरवाजे की तरफ लगी थीं। गांव के लोग भी लगातार पूछते रहे कि कान्हु का कुछ पता चला क्या।
बच्चे रोज पूछते रहे, पापा कब आएंगे
इस पूरे मामले में सबसे मार्मिक स्थिति कान्हु के बच्चों की है। कान्हु के 6 वर्षीय बेटे होपना किस्कू और 4 वर्षीय बेटे एलेक्स किस्कू को बस यही भरोसा था कि उनके पापा लौट आएंगे। चार दिनों तक दोनों बच्चे हर आहट पर दरवाजे की तरफ दौड़ते थे। कई बार बाहर निकलकर रास्ते की ओर देखने लगते थे। घरवालों के मुताबिक, बच्चे बार-बार यही पूछते रहे कि पापा कब आएंगे, पापा कहां गए हैं। परिवार के लिए बच्चों के सवालों का जवाब देना सबसे कठिन था। मां बस इतना कह पाती थी कि पापा आ जाएंगे।
खदान से शव मिलने की खबर ने तोड़ दी सारी उम्मीद
गुरुवार को जब शहरकोल इलाके की खदान में शव मिलने की सूचना फैली, तो लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पहचान होने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि शव कान्हु किस्कू का ही है। जैसे ही यह खबर गांव और परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। चार दिन की उम्मीद एक पल में मातम में बदल गई। कान्हु की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन दर्द इतना गहरा था कि किसी के बस की बात नहीं थी।
पूरे गांव में पसरा सन्नाटा
कान्हु किस्कू की मौत की खबर के बाद गांव में सन्नाटा छा गया। लोग एक-दूसरे से बस यही कह रहे थे कि इतनी कम उम्र में कान्हु का इस तरह जाना किसी को हजम नहीं हो रहा। ग्रामीणों का कहना है कि कान्हु मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था। परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। गांव के लोग उसे एक सीधा-सादा इंसान बताते हैं, जो हर किसी से मिलजुल कर रहता था।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पाकुड़ नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कान्हु की मौत हादसा है या इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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