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Ranchi : रांची के कांके थाना क्षेत्र से सामने आया एक मामला पूरे इलाके को हिला देने वाला है। एक नाबालिग बच्ची की मौत ने जहां पहले इसे सामान्य मामला दिखाने की कोशिश हुई, वहीं पुलिस जांच ने धीरे धीरे इसकी परतें खोल दीं और मामला सीधे हत्या तक पहुंच गया। पुलिस ने इस केस में तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
शुरुआत एक भरोसे से, अंत दर्दनाक मोड़ पर
यह कहानी साल 2022 से शुरू होती है, जब आंगनबाड़ी महिला पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी ने बुढ़मू इलाके से एक बच्ची को अपने साथ रखने की बात कही थी। उस समय यही बताया गया था कि बच्ची की देखभाल और परवरिश की जाएगी। परिवार को भरोसा भी दिलाया गया था कि बच्ची सुरक्षित रहेगी। लेकिन समय के साथ हालात बदलते चले गए। परिवार और बच्ची के बीच दूरी बढ़ती गई और अंदर ही अंदर कई विवाद भी पनपते रहे।
घर के अंदर कैद जिंदगी
पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे काफी गंभीर हैं। आरोप है कि बच्ची को घर के अंदर ही बंधक बनाकर रखा गया था। उसे बाहर की दुनिया से लगभग अलग कर दिया गया था। यहीं नहीं, उसके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने के भी संकेत मिले हैं। इस पूरे मामले में सुषमा कुमारी के साथ उसके भाई प्रदीप बारला की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।
10 और 11 अप्रैल की रात बनी आखिरी रात
पुलिस के अनुसार 10 और 11 अप्रैल 2026 की रात इस पूरे मामले का सबसे दर्दनाक हिस्सा है। इसी रात बच्ची को कथित रूप से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जो हुआ, उसने मामले को और भी गंभीर बना दिया। आरोपियों ने इसे सामान्य मौत दिखाने की कोशिश शुरू कर दी।
अस्पतालों का चक्कर, सच छुपाने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के बाद शव को अलग अलग अस्पतालों में ले जाया गया ताकि असली कारण छिपाया जा सके। कोशिश यह थी कि मामला उलझ जाए और किसी को शक न हो। लेकिन यह पूरा खेल ज्यादा देर तक नहीं चल पाया।
सीसीटीवी और तकनीकी सबूतों ने खोला राज
पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला तो पूरा घटनाक्रम साफ होता चला गया। जो कहानी सामान्य मौत की तरह पेश की जा रही थी, वह धीरे धीरे हत्या के शक में बदल गई। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया।
तीन लोग पुलिस की हिरासत में
इस मामले में सुषमा कुमारी, प्रदीप बारला और संतोष कुमार दास को पुलिस ने हिरासत में लिया है। तीनों से लगातार पूछताछ चल रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
हत्या में इस्तेमाल सामान भी बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम सामान बरामद किए हैं, जिनमें सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार, तीन अलग अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, कैंची, पिलास, लाठी, रस्सी और एडहेसिव टेप शामिल हैं। इन सामानों को पुलिस ने अहम सबूत के तौर पर अपने कब्जे में लिया है।
पुलिस की टीम लगातार जांच में जुटी
इस पूरे मामले की जांच कांके थानेदार सह एएसपी साक्षी जमुआर के नेतृत्व में की जा रही है। टीम में कई अधिकारी और जवान शामिल हैं, जो हर छोटे बड़े पहलू को खंगाल रहे हैं।
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