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Ranchi : झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर राहुल सिंह एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह कोई आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि उसका फेसबुक पर किया गया एक लंबा पोस्ट है। राहुल सिंह ने अपने पोस्ट में बेरोजगारी, पेपर लीक और राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
“सुबह से 400 से 500 युवाओं के फोन आए”
राहुल सिंह ने पोस्ट में लिखा है कि उसे बुधवार सुबह से रात तक करीब 400 से 500 युवाओं के फोन आ चुके हैं। सभी युवाओं की एक ही मांग है कि कोई काम दिला दिया जाए। राहुल सिंह के मुताबिक युवाओं ने उससे कहा कि वे कोई भी काम करने को तैयार हैं, बस घर का खर्च चल जाए। उसने लिखा कि यह सोचकर दुख होता है कि झारखंड के नौजवानों को अब काम मांगने के लिए एक अपराधी तक के पास जाना पड़ रहा है।
“सिस्टम जिम्मेदार”
राहुल सिंह ने पोस्ट में साफ तौर पर कहा है कि झारखंड की इस हालत के लिए यहां की बिगड़ी हुई शिक्षा व्यवस्था जिम्मेदार है। उसने लिखा कि यहां मेहनत करने वाले युवाओं को बार-बार निराश किया जा रहा है। यही वजह है कि अब युवाओं का भरोसा टूट रहा है और वे हताश होते जा रहे हैं।

उत्पाद सिपाही परीक्षा का जिक्र, पेपर लीक पर गुस्सा
पोस्ट में राहुल सिंह ने उत्पाद सिपाही परीक्षा का उदाहरण दिया। उसने लिखा कि परीक्षा देने के लिए बच्चे सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए, कई लोग ट्रेन में सोए, कुछ ने स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर रात बिताई। भूखे पेट परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन अंत में पेपर लीक हो गया। राहुल सिंह ने लिखा कि खबर आई कि 164 लोगों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन इससे उन लाखों छात्रों का भविष्य वापस नहीं आएगा, जिन्होंने अपनी जिंदगी के 4 से 5 साल सिर्फ एक नौकरी की उम्मीद में लगा दिए।
“JSSC और JPSC का भी यही हाल”
राहुल सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि JSSC और JPSC जैसी परीक्षाओं में भी लगातार गड़बड़ी की खबरें आती रही हैं। उसने कहा कि मेहनत छात्र करते हैं, सपने भी उनके होते हैं, लेकिन खेल कोई और कर जाता है। इससे युवाओं के अंदर गुस्सा बढ़ता है और उनका मन टूट जाता है।
“बार-बार मेहनत और फिर पेपर लीक”
राहुल सिंह ने लिखा कि छात्र बार-बार मेहनत करते हैं, सालों पढ़ाई करते हैं और अंत में उन्हें सुनने को मिलता है कि पेपर लीक हो गया। उसने कहा कि जब बार-बार युवाओं की मेहनत को कुचला जाएगा तो उनके अंदर उम्मीद खत्म हो जाएगी और गुस्सा बढ़ जाएगा।
“समाज अपराधी कहता है, लेकिन सिस्टम बनाता है”
राहुल सिंह ने पोस्ट में खुद को उदाहरण बनाते हुए लिखा कि समाज उसे गुंडा और अपराधी कहता है, लेकिन असल में ऐसे अपराधी इसी सिस्टम की देन हैं। उसने लिखा कि जब घर में पैसा नहीं होता, मां-बाप की आंखों में भूख दिखती है, तब इंसान मजबूरी में गलत रास्ता पकड़ लेता है। कई बार छोटी रकम के लिए चोरी और हिंसा तक करनी पड़ जाती है।
“अगर हालात नहीं सुधरे तो 500 राहुल सिंह पैदा होंगे”
राहुल सिंह ने पोस्ट में चेतावनी वाले अंदाज में लिखा कि आज एक राहुल सिंह है, लेकिन अगर झारखंड में यही हाल रहा तो कल 500 राहुल सिंह पैदा हो जाएंगे। उसने दावा किया कि अगर वह चाहे तो आज ही उन युवाओं को काम दे सकता है, लेकिन वह काम अपराध की तरफ ले जाएगा। राहुल सिंह ने कहा कि वह नहीं चाहता कि कोई और युवा उसी रास्ते पर जाए, जिस रास्ते पर वह खुद चला।
“कलम वाले हाथों में बंदूक अच्छी नहीं लगती”
पोस्ट में राहुल सिंह ने लिखा कि उसने अपराध की जिंदगी देखी है और वह जानता है कि इस रास्ते में सिर्फ खून, डर और बर्बादी है। उसने लिखा कि जिन बच्चों के हाथ में कलम थी, उनके हाथ में बंदूक अच्छी नहीं लगती। राहुल सिंह ने सिस्टम से सवाल किया कि वह उन युवाओं का क्या करे, जो अब रोजगार के लिए भटक रहे हैं।
मीडिया पर भी उठाए सवाल
राहुल सिंह ने पोस्ट में मीडिया को भी घेरा। उसने लिखा कि शायद कोई मीडिया वाला यह सच्चाई नहीं दिखाएगा। उसने कहा कि अगर आज भी मीडिया ने युवाओं की इस हालत को नजरअंदाज किया, तो इतिहास लिखेगा कि जब झारखंड के नौजवान टूट रहे थे तब मीडिया चुप बैठा रहा।
पोस्ट वायरल, लोग दे रहे अलग-अलग प्रतिक्रिया
राहुल सिंह का यह पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग कह रहे हैं कि राहुल सिंह ने युवाओं की असली परेशानी को सामने रखा है। वहीं कई लोगों का कहना है कि यह एक अपराधी की सहानुभूति बटोरने की कोशिश है।
हालांकि गैंगस्टर राहुल सिंह के नाम पर वायरल हुए इस पोस्ट में कितना दम है, इसका आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं हो पाया है।
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