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Koderma (Aftab Alam) : कोडरमा के धरियावर गांव में बुधवार की सुबह एक मनहूस खबर आई और एक घर की दुनिया उजड़ गई। 8 साल का आर्यन कुमार, जो रात तक मां की गोद में सो रहा था, सुबह गांव के कुएं में मृत मिला। जैसे ही उसकी पहचान हुई, घर के आंगन में मातम छा गया। मां बेसुध हो गई, परिजनों की चीखें दूर तक सुनाई देने लगीं।
रात की वो आखिरी नींद, जो हमेशा के लिए बन गई खामोशी
मां उर्मिला के मुताबिक, मंगलवार रात सब कुछ सामान्य था। खाना खाने के बाद वह अपने बेटे आर्यन को लेकर सो गई। आधी रात में अचानक दरवाजा खुलने की आहट हुई। मां का दावा है कि दो नकाबपोश अंदर घुसे और उसकी आंखों के सामने बच्चे को छीनकर ले गए। उसने रोते-चिल्लाते उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे में सब कुछ पलों में खत्म हो गया।
सुबह कुएं में तैरता दिखा मासूम का शव
अगली सुबह गांव की एक महिला रोज की तरह महुआ चुनकर लौट रही थी। तभी उसकी नजर कुएं में पड़ी और वह सन्न रह गई। पानी के ऊपर एक छोटे बच्चे का शव तैर रहा था। कुछ ही देर में गांव के लोग जुट गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि यह वही आर्यन है, जिसे रात में तलाशा जा रहा था। जैसे ही परिवार पहुंचा, चीख-पुकार मच गई। मां बदहवास हो गई, बार-बार एक ही बात कह रही थी, “मेरा बच्चा मुझे वापस दे दो…”
कहानी में मोड़… शक घर के भीतर
पहले यह मामला अपहरण जैसा लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, कहानी ने करवट ले ली। थानेदार अभिमन्यु परिहार के मुताबिक, जांच में बच्चे की मां और उसके फूफा अशोक यादव के बीच संबंध की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आर्यन को उसी रात घर से ले जाया गया और उसकी हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया। इस मामले में एक और शख्स की भूमिका की भी जांच हो रही है।
रिश्तों का जाल और आरोपों की बौछार
घटना के बाद जितनी जुबां, उतनी तरह की बाते हो रही है। हर कोई अपनी-अपनी कहानी बता रहा है। दादा का आरोप है कि बच्चे को मां के रिश्ते की जानकारी हो गई थी, इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया गया। वहीं मामा का कहना है कि उसकी बहन के साथ ससुराल में अक्सर मारपीट होती थी और ससुराल वाले ही इस साजिश में शामिल हैं। सच क्या है, यह अभी जांच के दायरे में है, लेकिन एक बात साफ है कि इस कहानी में रिश्ते उलझे हुए हैं।
गांव में गुस्सा, पुलिस से भिड़े लोग
जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने रास्ता रोक दिया और मांग करने लगे कि पूरे मामले में सभी संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। स्थिति बिगड़ती देख गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया है। वहीं, धरियावर गांव में अब सन्नाटा है। जहां कल तक एक बच्चा खेलता था, आज वहां सिर्फ खामोशी है।
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