अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Dhanbad : बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही हर घर में एक अलग ही माहौल बन जाता है। कहीं चिंता होती है, कहीं उम्मीदें, तो कहीं बच्चों के चेहरे पर दबाव साफ नजर आता है। लेकिन जब रिजल्ट आता है और मेहनत रंग लाती है, तब वही घर और वही स्कूल खुशियों से भर जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा इस बार गोविंदपुर, धनबाद स्थित ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में देखने को मिला, जब CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजों में स्कूल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे इलाके को गर्व करने का मौका दिया। यह सिर्फ अंकों की कहानी नहीं है, यह कहानी है उन रातों की जब बच्चे किताबों के साथ जागते रहे, उन सुबहों की जब माता-पिता ने बिना कहे बच्चों का हौसला बढ़ाया और उन शिक्षकों की, जिन्होंने हर कमजोर विषय को मजबूत बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की।
रिजल्ट आया तो स्कूल में गूंज उठी खुशी
रिजल्ट के दिन स्कूल में एक अलग ही हलचल थी। कोई मोबाइल पर वेबसाइट रिफ्रेश कर रहा था तो कोई स्कूल के नोटिस बोर्ड के पास खड़ा होकर दोस्तों के रिजल्ट का इंतजार कर रहा था। जैसे ही परिणाम सामने आए, बच्चों के चेहरे खिल उठे। स्कूल के स्टाफ रूम में भी शिक्षक एक-दूसरे को मिठाई खिलाते नजर आए। यह खुशी सिर्फ स्कूल की नहीं थी, बल्कि हर उस घर की थी जहां मां ने अपने बच्चे को चुपचाप पढ़ते देखा था और पिता ने उसकी जरूरतों को बिना बोले पूरा किया था।
मेहविश और वर्षा ने दिखाया टॉप करने का जज्बा
इस शानदार प्रदर्शन में मेहविश नाज़ ने 93.6 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में सबसे आगे जगह बनाई। वहीं वर्षा कुमारी ने 91.8 प्रतिशत अंक लाकर साबित कर दिया कि मेहनत किसी भी मुश्किल को आसान बना सकती है। मेहविश की सफलता ने खास तौर पर उन बच्चों को प्रेरणा दी है जो मानते हैं कि अच्छे नंबर सिर्फ बड़े शहरों के स्कूलों में ही आते हैं। मेहविश और वर्षा की उपलब्धि बताती है कि अगर लगन हो तो गोविंदपुर जैसे इलाके से भी बड़ी सफलता निकाली जा सकती है।
शाहबाज और शगुफ्ता की मेहनत भी बनी मिसाल
शाहबाज़ और शगुफ्ता नाज़ ने भी 86.8 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल की सफलता की लिस्ट में अपना नाम मजबूती से दर्ज कराया। दोनों छात्रों का प्रदर्शन यह दिखाता है कि लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो हर छात्र खुद को साबित कर सकता है। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि ये बच्चे पढ़ाई में नियमित थे और समय का सही इस्तेमाल करते थे। यही वजह है कि उन्होंने अच्छे अंक हासिल किए।
अंकों के पीछे छुपी होती है कई कहानियां
बोर्ड रिजल्ट की खबर अक्सर कुछ प्रतिशत और नामों तक ही सीमित रह जाती है। लेकिन इन अंकों के पीछे वो संघर्ष छुपा होता है, जिसे कोई नहीं देखता। कई बच्चों ने स्कूल से लौटकर घर के कामों में भी हाथ बंटाया, कई ने अपने मोबाइल से दूरी बनाई, और कई ने सोशल मीडिया छोड़कर किताबों को दोस्त बनाया। कभी मन घबराया, कभी डर लगा, कभी लगा कि नहीं हो पाएगा, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। यही वजह है कि यह सफलता सिर्फ रिजल्ट नहीं, बल्कि एक जंग जीतने जैसी है।
शिक्षक बने बच्चों की ताकत
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया के शिक्षकों ने इस बार बच्चों के लिए खास तैयारी कराई। नियमित टेस्ट, एक्स्ट्रा क्लास और कमजोर छात्रों के लिए अलग से गाइडेंस जैसी व्यवस्था की गई। स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि परीक्षा से पहले बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए मोटिवेशन सेशन भी रखे गए थे, ताकि बच्चे घबराएं नहीं और पेपर को आराम से हल कर सकें।
अभिभावकों का सहयोग भी रहा मजबूत
हर सफल छात्र के पीछे एक परिवार की मेहनत होती है। इस रिजल्ट में अभिभावकों की भूमिका भी साफ नजर आई। कई माता-पिता ने बच्चों के लिए पढ़ाई का माहौल बनाया, समय पर खाना दिया, और बिना दबाव डाले बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कुछ अभिभावकों ने बताया कि परीक्षा के दिनों में घर का माहौल शांत रखा गया, ताकि बच्चे ध्यान से पढ़ाई कर सकें।
निर्देशक डॉ. एस. खालिद बोले- यह मेहनत का नतीजा है
विद्यालय के निर्देशक डॉ. एस. खालिद ने इस सफलता को छात्रों की लगन और स्कूल के समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। अगर सच्ची लगन से मेहनत की जाए तो जीवन में सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारे छात्र आगे भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित करते रहेंगे।” उनके शब्दों में एक पिता जैसा विश्वास भी था और एक शिक्षक जैसी उम्मीद भी।
चेयरपर्सन डॉ. निकहत परवीन ने छात्रों को दी शुभकामनाएं
विद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. निकहत परवीन ने भी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे स्कूल परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि स्कूल हमेशा बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।
प्रधानाचार्या चांदनी त्रिगुणायत बोलीं- हमारा लक्ष्य सिर्फ नंबर नहीं
विद्यालय की प्रधानाचार्या चांदनी त्रिगुणायत ने कहा कि स्कूल का मकसद सिर्फ अच्छे अंक दिलाना नहीं है, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि स्कूल आगे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
स्कूल में मिठाई, मुस्कान और गर्व का माहौल
रिजल्ट के बाद स्कूल में एक उत्सव जैसा माहौल था। कहीं बच्चों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी, तो कहीं शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर सफलता का जश्न मनाया। कुछ बच्चों ने कहा कि वे आगे चलकर इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करेंगे, वहीं कुछ ने सिविल सर्विसेज का सपना बताया।
यह सफलता सिर्फ स्कूल की नहीं, पूरे गोविंदपुर की है
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि गोविंदपुर जैसे क्षेत्र में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। यहां के बच्चे मेहनत करें तो देश के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। यह रिजल्ट उन बच्चों के लिए भी प्रेरणा है जो सोचते हैं कि सफलता उनके लिए नहीं बनी। यह कहानी बताती है कि जब मेहनत, मार्गदर्शन और परिवार का साथ मिल जाए तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।
आगे भी बनेगा सफलता का रास्ता
स्कूल प्रबंधन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में बच्चों के लिए करियर गाइडेंस और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि छात्र 10वीं के बाद सही दिशा में आगे बढ़ सकें।
इसे भी पढ़ें : मौत के जबड़े से बुजुर्ग यात्री को खींच लाई RPF… देखें वीडियो

