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Gorakhpur : गोरखपुर के ITM इंजीनियरिंग कॉलेज के दो छात्रों ने ऐसा अनोखा जूता तैयार किया है, जो सेना के जवानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इस जूते को बनाने में करीब 40 हजार रुपए का खर्च आया है, लेकिन इसकी खासियतें किसी महंगे डिफेंस उपकरण से कम नहीं हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के दूसरे साल के छात्र संजीव कुमार और वैष्णवी साहनी ने मिलकर इसे तैयार किया है।
पीछे से होने वाले हमले का भी देगा अलर्ट
इस एआई आधारित जूते की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ सामने ही नहीं, बल्कि पीछे से आने वाले खतरे को भी पहचान सकता है। अगर कोई दुश्मन पीछे से हमला करने की कोशिश करता है, तो यह जूता सेंसर के जरिए उसे पकड़ लेता है और सैनिक को सतर्क कर देता है। इससे अचानक होने वाले हमलों से बचाव आसान हो सकता है।
100 मीटर तक दुश्मन पर कर सकता है वार
छात्रों के मुताबिक, यह जूता सामने करीब 100 मीटर के दायरे में दुश्मन की पहचान कर सकता है और जरूरत पड़ने पर उस पर हमला भी कर सकता है। इसमें ऐसी तकनीक लगाई गई है जो सैनिक को तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद करती है।
गोली खत्म होने पर भी नहीं होगा कमजोर
इस जूते की एक और खासियत इसे और खास बनाती है। अगर किसी स्थिति में जूते में मौजूद हथियार की गोली खत्म हो जाए, तब भी यह बेकार नहीं होता। जूते से निकलने वाले करंट की मदद से सैनिक दुश्मन का सामना कर सकता है और खुद को सुरक्षित रख सकता है।
पहले के प्रोजेक्ट भी पेटेंट प्रक्रिया में
कॉलेज में इससे पहले भी ऐसे दो प्रोजेक्ट बनाए जा चुके हैं, जो फिलहाल पेटेंट की प्रक्रिया में हैं। इससे साफ है कि यहां के छात्र लगातार नई तकनीक पर काम कर रहे हैं और कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं।
सेना मुख्यालय को भेजा गया प्रस्ताव
इस एआई एडवांस डिफेंस जूते के बारे में सेना मुख्यालय को भी जानकारी दी गई है। छात्रों और कॉलेज प्रशासन की तरफ से प्रस्ताव भेजा गया है ताकि इस तकनीक को आगे बढ़ाया जा सके और जरूरत के हिसाब से इसे और बेहतर बनाया जा सके।
देश की सुरक्षा में काम आ सकता है यह जूता
अगर इस जूते को और विकसित किया जाता है और सेना में इस्तेमाल शुरू होता है, तो यह सैनिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। कम लागत में तैयार यह तकनीक भविष्य में डिफेंस सेक्टर में नई दिशा दे सकती है।



