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Ranchi : दोपहर का वक्त था। सूरज सिर के ठीक ऊपर था। रांची की सड़कों पर धूप ऐसी कि मानो आग बरस रही हो। हवा चल भी रही तो जैसे भट्टी से निकली लपट हो। सड़कें तप रही थीं, फुटपाथ पर बैठे लोग आंखें मूंदे पसीना पोंछ रहे थे और ट्रैफिक पुलिस का जवान हेलमेट के भीतर घुटती सांसों के साथ ड्यूटी निभा रहा था। इसी तपिश के बीच एक दिहाड़ी मजदूर अपने माथे का पसीना पोंछते हुए अचानक रुकता है। सामने एक छोटा सा कैंप दिखता है। वहां से कोई उसे आवाज देता है, “भाई, इधर आ जाइए, पानी पी लीजिए।” वह ठहरता है, गिलास थामता है और एक ही सांस में पी जाता है। उसके चेहरे पर थोड़ी राहत दिखती है। उसके मुख से हौले से निकलता है… भला हो काले कोट वाले बाबू का…। यही छोटा सा सुकून देने के लिए रांची में ‘हीट-वेव-रिलीफ कैंप’ की शुरुआत की गई है। यह कैंप कोई साधारण आयोजन नहीं था। यह उन लोगों के लिए राहत बनकर आया था, जिनके लिए गर्मी से बचना कोई विकल्प नहीं बल्कि मजबूरी है। रांची डालसा की ओर से बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए हीट-वेव-रिलीफ कैंप लगाया गया, जहां जरूरतमंदों को ओआरएस और पीने का पानी बांटा गया।
जब गर्मी सिर्फ मौसम नहीं, एक चुनौती बन जाती है
शहर के कई इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दोपहर में सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूरों के हाथों में काम है, लेकिन शरीर में पानी नहीं। छोटे दुकानदारों के पास छांव नहीं, रिक्शा चालक के पास आराम नहीं और फुटपाथ पर रहने वालों के पास राहत का कोई साधन नहीं। ऐसे में लू केवल मौसम की खबर नहीं रह जाती, बल्कि यह गरीब और मेहनतकश लोगों के लिए जिंदगी की चुनौती बन जाती है।

कोर्ट परिसर में दिखी राहत की तस्वीर
इसी तपती गर्मी के बीच सिविल कोर्ट परिसर में लगाए गए राहत कैंप का उद्घाटन न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 ने फीता काटकर किया। कैंप में मौजूद लोगों के चेहरे पर राहत की उम्मीद साफ दिख रही थी। कैंप में ओआरएस की बोतलें और पीने का पानी बांटा गया। कई लोग ऐसे भी थे जो धूप में काम करके सीधे यहां पहुंचे थे। कुछ मजदूरों ने बोतल हाथ में लेते ही पहले घूंट में ही राहत महसूस की।
न्यायायुक्त बोले- खुद का खयाल सबसे जरूरी
न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 ने कहा कि इस कैंप का मकसद उन लोगों तक मदद पहुंचाना है जो खुले में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूर, फुटपाथ पर रहने वाले लोग, छोटे विक्रेता, ट्रैफिक पुलिस और सड़क पर तैनात कर्मियों को लू के समय सबसे ज्यादा खतरा होता है। ऐसे में पानी और ओआरएस जैसी छोटी चीज भी बड़ी राहत बन जाती है।

डालसा सचिव बोले- शरीर में पानी की कमी ही सबसे बड़ा खतरा
डालसा सचिव राकेश रौशन ने बताया कि कड़ी धूप में लंबे समय तक काम करने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पानी की बोतल और ओआरएस घोल का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और लू से बचाव हो सके। डालसा सचिव राकेश रौशन ने खुद अपने हाथों से राहगीरों को ओआरएस की बोतलें और ठंडा पानी सौंपा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अखबारों में जब गर्मी से लोगों के बीमार होने की खबरें आती हैं, तो मन विचलित होता है। यह कैंप उसी पीड़ा को कम करने की एक छोटी सी कोशिश है।
नुक्कड़ नाटक ने बताया लू से बचने का आसान तरीका
कैंप के बाद कोर्ट कैंपस में माहौल कुछ अलग दिखा। राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ रंगदर्पण नाटक मंच की टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कलाकारों ने आम भाषा में लोगों को बताया कि गर्मी में सिर ढककर निकलना, पानी पीते रहना, धूप में ज्यादा देर न रहना और कमजोरी महसूस होने पर तुरंत इलाज कराना कितना जरूरी है। नाटक में लोगों ने खुद को देखा। कोई किरदार मजदूर था, कोई ठेले वाला और कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी। यही वजह थी कि संदेश सीधे लोगों के दिल तक पहुंचा।

डॉक्टरों रीचा बोलीं- पानी ही है असली दवा
सदर अस्पताल रांची की डॉक्टर रीचा और नर्स बेला देवी ने भी कैंप में मौजूद लोगों को लू से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, तेज बुखार या कमजोरी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज जरूरी है।उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के दिनों में सादा पानी, नींबू पानी, ओआरएस और हल्का भोजन शरीर के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) चुपके से हमला करती है।
शहर के कई इलाकों में पहुंचेगी राहत
डालसा सचिव राकेश रौशन ने बताया कि यह राहत अभियान आगे भी जारी रहेगा। रांची के कई प्रमुख स्थानों पर कैंप लगाकर लोगों को राहत सामग्री बांटी जाएगी। डोरंडा चौक, लाला लाजपत राय चौक, सुजाता चौक, सिरम टोली चौक, बहुबाजार चौक, फिरायाल चौक, मेन रोड और डेली मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा रेलवे स्टेशन रांची, हटिया रेलवे स्टेशन, खादगढ़ा बस स्टैंड और आईटीआई बस स्टैंड पर भी जरूरतमंदों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। व्यवहार न्यायालय परिसर में यह दृश्य सिर्फ पानी और ओआरएस बांटने का नहीं था। यह उस भरोसे का दृश्य था कि सिस्टम सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर भी लोगों के साथ खड़ा है।
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