अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh : रामगढ़ में बहुचर्चित कामेश्वर पांडेय हत्याकांड पर अदालत का बड़ा फैसला आया है। शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय रामगढ़ स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव और लखन साव को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा
फैसला सुनाए जाने से पहले ही न्यायालय परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कोर्ट के बाहर और अंदर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही थी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। जैसे ही अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया, पूरे परिसर में हलचल तेज हो गई। यह मामला लंबे समय से जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई अहम साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने केस डायरी, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों का गहन अध्ययन करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना।
हत्या और साजिश दोनों मामलों में उम्रकैद
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या के अपराध में दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। सिर्फ हत्या ही नहीं, अदालत ने धारा 120(B) यानी आपराधिक साजिश के मामले में भी दोनों को दोषी माना। इस धारा में भी दोनों को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
आर्म्स एक्ट में भी मिली सजा
मामले में हथियार के इस्तेमाल को लेकर अदालत ने आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत भी दोनों आरोपियों को दोषी माना। इस धारा के तहत 7 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने साफ कहा कि अगर दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें एक साल की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इसे भी पढ़ें : भुरकुंडा की सड़कों पर उतरी फोर्स, अड्डेबाजों-उच्चकों में मची हलचल

