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Patna : बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़े स्तर पर पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में DSP और ASP स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल में खास तौर पर 2022 बैच के दो युवा आईपीएस अधिकारियों गरिमा और संकेत कुमार को नई पोस्टिंग मिली है। पुलिस मुख्यालय की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
गरिमा को कहलगांव, संकेत कुमार को बिहार शरीफ सदर-1
2022 बैच की आईपीएस अधिकारी गरिमा को भागलपुर जिले के कहलगांव की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वह मुजफ्फरपुर जिले के सरैया में पदस्थापित थीं। वहीं उसी बैच के आईपीएस अधिकारी संकेत कुमार को नालंदा जिले के बिहार शरीफ सदर-1 का दायित्व सौंपा गया है। संकेत कुमार अभी तक मुंगेर जिले के तारापुर में तैनात थे। दोनों अधिकारियों को तेज तर्रार और सक्रिय पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। नई पोस्टिंग को लेकर पुलिस महकमे में काफी चर्चा है।
2010 बैच के कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
पुलिस विभाग में 2010 बैच के कई अधिकारियों का भी तबादला किया गया है।
- सिवान निवासी नुरुल हक को सहायक पुलिस निरीक्षक (निरीक्षण) पटना बनाया गया है। वह अभी तक नालंदा जिले के बिहार शरीफ सदर में पदस्थापित थे।
- इसी बैच के खगड़िया निवासी पंकज कुमार को विशेष निगरानी इकाई का ASP बनाया गया है। फिलहाल वह भागलपुर जिले के कहलगांव में तैनात थे।
- प्रतिष कुमार को मोतिहारी जिले में साइबर क्राइम के ASP की जिम्मेदारी दी गई है। वह अभी सारण जिले में पदस्थापित थे।
- वहीं गोपालगंज निवासी मोहम्मद नेसार अहमद शाह को मधेपुरा जिले का एएसपी बनाया गया है। इससे पहले वह अपराध अनुसंधान विभाग में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
2013 बैच के अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग
- 2013 बैच के जमुई निवासी सविन्द्र कुमार दास को सारण जिले के मढ़ौरा का एसडीपीओ बनाया गया है। वह अब तक पटना में विशेष शाखा के पुलिस उपाधीक्षक के तौर पर काम कर रहे थे।
- उत्तर प्रदेश निवासी अभिजीत कुमार सिंह को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पटना में ASP की जिम्मेदारी दी गई है। अभी वह कटिहार सदर-1 में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के रूप में तैनात थे।
- इसी बैच के नालंदा निवासी शिवेंद्र कुमार अनुभवी को कमजोर वर्ग अपराध अनुसंधान विभाग का ASP बनाया गया है। वह पहले सुपौल में पदस्थापित थे।
पुलिस मुख्यालय ने जारी की अधिसूचना
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के बाद संबंधित जिलों और इकाइयों में अधिकारियों के योगदान और प्रभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
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