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Ramgarh : शनिवार की सुबह गिद्दी सी और रेलिगढ़ा परियोजना क्षेत्र में उस समय अचानक हलचल बढ़ गई, जब CBI की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। सीसीएल अरगड्डा एरिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों पर पहुंची टीमों ने दस्तावेजों, अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। कार्रवाई की खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई, कई ठिकानों पर पहुंची टीमें
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह सीबीआई की टीमों ने गिद्दी सी और रेलिगढ़ा परियोजना क्षेत्र में एक साथ कई स्थानों पर जांच शुरू की। अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों में मौजूद दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों को खंगाला गया। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। संबंधित आवासों के आसपास गतिविधियों पर नजर रखी गई और बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रही। इससे पूरे क्षेत्र में लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई।
किन लोगों के यहां हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की जांच गिद्दी सी परियोजना के प्रबंधक रामाशीष राम, अधिकारी जितेंद्र कुमार, सीसीएल कर्मचारी परशुराम चौधरी, शोभन चक्रवर्ती और लंकेश कुमार से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है। अलग-अलग टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। हालांकि सीबीआई की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस मामले के संबंध में की जा रही है। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले की चर्चा
कार्रवाई के बीच स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि जांच कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में हो सकती है। हालांकि इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जब तक CBI की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक कार्रवाई के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति साफ नहीं मानी जा सकती।
पुराने मामलों की भी हो रही चर्चा
गिद्दी और रेलिगढ़ा क्षेत्र में सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद पुराने मामलों की चर्चा भी फिर से शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोकल सेल और उससे जुड़े कुछ मामलों को लेकर पहले भी जांच एजेंसियों की नजर इस क्षेत्र पर रही है। पूर्व में भी कई लोगों से पूछताछ किए जाने और दस्तावेजों की जांच होने की बातें सामने आती रही हैं। इसी वजह से शनिवार की कार्रवाई को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है। कर्मचारी वर्ग से लेकर आम लोग तक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर जांच का दायरा कितना बड़ा है और इसके पीछे की वजह क्या है।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल CBI की जांच जारी है और टीम दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी हुई है। पूरे क्षेत्र की नजर अब जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और संभावित आधिकारिक बयान पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
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