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Ranchi/New Delhi : झारखंड के साहिबगंज से हुई एक गिरफ्तारी ने देशभर में फैले आतंकी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने साहिबगंज के रहने वाले नितीश पासवान को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क और पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी से जुड़े मॉड्यूल का हिस्सा था। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि नितीश की गिरफ्तारी के बाद मिले सुरागों ने देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। इसी कार्रवाई में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
साहिबगंज से गिरफ्तारी, फिर खुलता गया पूरा नेटवर्क
स्पेशल सेल के अनुसार, सबसे पहले 14 मई को पुणे से विजय उर्फ शूटर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसके झारखंड कनेक्शन की जानकारी मिली। इसके बाद 17 मई को साहिबगंज में छापेमारी कर नितीश पासवान को गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली स्पेशल सेल के विशेष आयुक्त अनिल शुक्ला ने मीडिया को बताया कि नितीश और विजय दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे और कथित तौर पर नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
🚨आतंक के खिलाफ दिल्ली पुलिस का कड़ा प्रहार
🔹@CellDelhi की टीम ने बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया है।
🔹पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के इशारे पर कर रहे थे साजिश, अंडरवर्ल्ड से रिश्तों पर भी जांच जारी।
🔹देश के महत्वपूर्ण सरकारी एवं… pic.twitter.com/PEbbPw2RGQ
— Delhi Police (@DelhiPolice) May 30, 2026
मुंबई के जरिए जुड़ते थे पाकिस्तान के तार
विशेष आयुक्त अनिल शुक्ला के अनुसार पुलिस जांच में पता चला कि नितीश और विजय की भर्ती मुंबई के रहने वाले हुजैफा नामक व्यक्ति ने की थी। फिलहाल वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नेटवर्क के कुछ सदस्य पाकिस्तान और दुबई में बैठे हैंडलरों के सीधे संपर्क में थे। इसके बाद पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई करते हुए तौकीर रिजवान अहमद शेख और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान को गिरफ्तार किया।
धार्मिक स्थलों और सरकारी ठिकानों पर थी नजर
विशेष आयुक्त अनिल शुक्ला के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, मुंबई, पंजाब और चंडीगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों, सरकारी भवनों, मंत्रालयों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से पाकिस्तान में बने हथियार, ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री बरामद होने का दावा किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और किसी बड़े हमले की तैयारी में जुटा था।
झारखंड कनेक्शन से बढ़ी एजेंसियों की सतर्कता
साहिबगंज से गिरफ्तारी के बाद झारखंड में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नितीश के संपर्क में राज्य के और कौन-कौन लोग थे और क्या नेटवर्क की गतिविधियां झारखंड के अन्य जिलों तक भी फैली हुई थीं। हालांकि अब तक पुलिस ने झारखंड में किसी और गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
पंजाब मॉड्यूल भी दबोचा गया
मुंबई में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पंजाब से दिल्ली आने वाले एक अन्य समूह की जानकारी मिली। इसके बाद महरौली-बदरपुर रोड पर कार्रवाई करते हुए हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये लोग भी उसी नेटवर्क का हिस्सा थे और आगे की गतिविधियों के लिए दिल्ली पहुंच रहे थे।
नेपाल और थाईलैंड जेल तक पहुंची जांच
पूरे मामले में नेपाल के नागरिक आंग कामी लामा की गिरफ्तारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार वह नेटवर्क के लिए फंडिंग और ठिकानों की व्यवस्था करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आंग कामी लामा और पाकिस्तान से जुड़े कथित ऑपरेटिव मुन्ना झिंगाड़ा की मुलाकात थाईलैंड की जेल में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच संपर्क बना और बाद में यह नेटवर्क आकार लेने लगा।
अब फंडिंग और लोकल मददगारों की तलाश
दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां और अन्य सुरक्षा संस्थान अब इस नेटवर्क की आर्थिक जड़ों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि देश के भीतर कौन लोग इनकी मदद कर रहे थे और इन तक पैसे किस जरिए पहुंच रहे हैं।
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