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Palamu : कभी साथ बैठकर स्कूल, बच्चों और परिवार की बातें करने वाले दो पारा शिक्षकों की कहानी का अंत इतना दर्दनाक होगा, शायद किसी ने नहीं सोचा था। छह महीने पहले लिया गया 25 हजार रुपये का कर्ज धीरे-धीरे ऐसा विवाद बन गया, जिसने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और दूसरे परिवार को शर्म और पछतावे के अंधेरे में धकेल दिया। छतरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हो खुर्द निवासी पारा शिक्षक उदय सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी हत्या किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उसी व्यक्ति ने की, जिसे वे अपना परिचित और साथी मानते थे। पुलिस के अनुसार, हत्या करने वाला भी एक पारा शिक्षक है, सुरेंद्र यादव, जो लंबे समय से उदय के संपर्क में था।
एक कर्ज, बढ़ता दबाव और रिश्तों में आई दरार
पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब छह महीने पहले सुरेंद्र यादव ने उदय सिंह से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। शुरुआत में यह सिर्फ पैसों का लेन-देन था, लेकिन समय बीतने के साथ मामला तनाव का कारण बन गया। उदय सिंह अपनी रकम वापस चाहते थे। आरोप है कि ब्याज जोड़कर वे 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई। कई बार बहस भी हुई। एक सप्ताह पहले तो विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से दोनों के संबंध सामान्य नहीं थे। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा।
जिसके साथ बैठकर जाम छलकाया, उसी ने छीन ली जिंदगी
घटना वाली रात दोनों साथ बैठे। जाम छलकाया यानी बीयर पी। बातचीत भी हुई। बाहर से देखने वाले किसी भी व्यक्ति को यह नहीं लग सकता था कि दोनों के बीच इतना गहरा विवाद चल रहा है। लेकिन पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र यादव के मन में पहले से ही हत्या की प्लानिंग थी। बीयर पीने के बाद वह उदय सिंह को बहाने से एक सुनसान जगह पर ले गया। वहां झोले में छिपाकर रखा फरसा निकाला और गर्दन पर हमला कर दिया। एक ही पल में सब कुछ खत्म हो गया। उदय सिंह जमीन पर गिर पड़े और फिर कभी नहीं उठ सके।
घर में इंतजार करती रही परिवार की आंखें
उस रात उदय सिंह के घर में शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि उनका अपना कभी वापस नहीं लौटेगा। परिवार के लोग उनकी राह देख रहे थे। पत्नी को उम्मीद थी कि वे थोड़ी देर में घर पहुंच जाएंगे। लेकिन रात बीतती गई और इंतजार बेचैनी में बदलता गया। जब मौत की खबर घर पहुंची, तो पूरा परिवार सदमे में डूब गया। जिस व्यक्ति के सहारे घर चल रहा था, वह अचानक हमेशा के लिए चला गया।
पुलिस ने खोली हत्या की परतें
मृतक की पत्नी की शिकायत पर छतरपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने कई सुराग जुटाए। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सुरेंद्र यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन, घटना के समय पहने गए कपड़े और हत्या में इस्तेमाल की गई अपाचे बाइक बरामद कर ली है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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