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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के सौंदा डी पतरातू मेन रोड पर शुक्रवार भोरे-भोर करीब 3 बजे रिडक्शन कोयला लदा एक 22 चक्का हाईवा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा उस समय हुआ जब हाईवा घाटो क्षेत्र से कोयला लेकर पतरातू साइडिंग की ओर जा रहा था। असंतुलित होने के बाद वाहन सीधे 11 हजार वोल्ट के बिजली पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पोल क्षतिग्रस्त हो गया और इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। घटना में हाईवा चालक टेकलाल महतो को हल्की चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। दुर्घटना के बाद सड़क किनारे बड़ी मात्रा में रिडक्शन कोयला बिखर गया।
अंबेडकर भवन के पास हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार हाईवा संख्या JH02 BC 2054 घाटो क्षेत्र से रिडक्शन कोयला लेकर पतरातू रेलवे साइडिंग जा रहा था। सौंदा डी में अंबेडकर भवन से कुछ दूरी पहले चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। देखते ही देखते हाईवा सड़क किनारे बिजली पोल से टकराया और पलट गया। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। बिजली पोल टूटने से क्षेत्र में अंधेरा छा गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रिडक्शन कोयला क्या है और क्यों उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि रिडक्शन कोयले का इस्तेमाल अक्सर कोयले की ग्रेडिंग और मिश्रण में किया जाता है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर कम कीमत वाले कोयला चूर या रिडक्शन कोयले को उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में मिलाकर बाहर भेजा जाता है। हालांकि इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि किसी विभाग या एजेंसी की ओर से नहीं की गई है, लेकिन हादसे के बाद एक बार फिर पतरातू साइडिंग से जुड़े कोयला कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अंधेरे में कोयला ढुलाई पर उठे सवाल
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि घाटो क्षेत्र से रात के समय रिडक्शन कोयले की ढुलाई कोई नई बात नहीं है। लंबे समय से इस तरह के वाहन पतरातू साइडिंग की ओर जाते देखे जाते रहे हैं। दुर्घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर यह कोयला किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से भेजा जा रहा था। लोगों का कहना है कि यदि अवैध रूप से कोयले का चूर या निम्न गुणवत्ता वाला कोयला बड़े पैमाने पर भेजा जा रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जांच की मांग तेज
हादसे के बाद क्षेत्र में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि इस तरह की ढुलाई नियमित रूप से हो रही थी तो संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं दुर्घटनाग्रस्त हाईवा और बिखरे कोयले को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली विभाग की टीम भी क्षतिग्रस्त पोल को बदलकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटी रही।
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