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Patna : बिजली गुल होने के बाद ट्रांसफॉर्मर ठीक कराने के लिए भागदौड़ करने की बजाय अब पहले से ही उसकी सेहत जांची जाएगी। बिहार में करीब 3.36 लाख वितरण ट्रांसफॉर्मरों का नियमित चेकअप अभियान चलाया जाएगा। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने अधिकारियों को साफ कहा है कि ट्रांसफॉर्मर और बिजली की दूसरी संरचनाओं का समय पर निरीक्षण और रखरखाव किया जाए, ताकि खराबी आने से पहले ही समस्या पकड़ में आ सके। शुक्रवार को पटना स्थित विद्युत भवन में राज्य की बिजली व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई। ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यभर के वितरण ट्रांसफॉर्मरों की स्थिति और उनकी नियमित जांच को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
अंतिम उपभोक्ता तक बिजली पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ शहरों तक बिजली पहुंचाना नहीं है। गांव, खेत, छोटे कस्बे और राज्य के अंतिम छोर पर रहने वाले उपभोक्ता को भी सुरक्षित और लगातार बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ट्रांसफॉर्मर, बिजली की लाइन और दूसरी विद्युत संरचनाओं की समय पर जांच और रखरखाव जरूरी है। मंत्री ने कहा कि अगर किसी ट्रांसफॉर्मर में खराबी आने की आशंका है तो उसका पता पहले ही लगना चाहिए। खराबी के बाद मरम्मत के लिए दौड़ने की बजाय पहले से तैयारी करना ज्यादा जरूरी है।
आज 24 जुलाई 2026 को विद्युत भवन में माननीय ऊर्जा मंत्री, बिहार श्री @KumarBulo की अध्यक्षता में वितरण ट्रांसफॉर्मरों के परीक्षण, अनुरक्षण एवं निरीक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ऊर्जा सचिव सह सीएमडी #BSPHCL श्री अजय यादव (IAS) pic.twitter.com/reNWIqNiB4
— Energy Department Govt. of Bihar (@EnergyBihar) July 24, 2026
ट्रांसफॉर्मर को सिर्फ मशीन समझकर न छोड़ें
ऊर्जा मंत्री ने ट्रांसफॉर्मरों की अहमियत समझाते हुए अधिकारियों से कहा कि इसे सिर्फ एक विद्युत उपकरण मानकर काम नहीं चलेगा। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ट्रांसफॉर्मर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए उसकी नियमित देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि ट्रांसफॉर्मरों की जांच, रखरखाव और सुरक्षा के लिए जो मानक और समय-सीमा तय है, उसका हर स्तर पर सख्ती से पालन किया जाए।
1912 पर शिकायत आई तो सिर्फ निपटारा नहीं, वजह भी तलाशें
ऊर्जा मंत्री ने टोल फ्री नंबर 1912, सहयोग शिविर और ऑनलाइन माध्यम से आने वाली शिकायतों पर भी अधिकारियों को गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि शिकायत आने के बाद केवल उसे बंद कर देना पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना होगा कि किसी इलाके में बार-बार बिजली क्यों जा रही है। अगर किसी ट्रांसफॉर्मर या लाइन से लगातार शिकायतें आ रही हैं तो उसकी स्थायी समस्या का पता लगाकर समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों और उपभोक्ताओं के फीडबैक का नियमित विश्लेषण किया जाए और उसके आधार पर बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए।
कृषि फीडर और गांवों की बिजली पर विशेष ध्यान
ऊर्जा मंत्री ने कृषि फीडरों, ग्रामीण क्षेत्रों और औद्योगिक इलाकों की बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खेती के लिए बिजली किसानों के लिए बेहद जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या का सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। वहीं उद्योगों के लिए लगातार बिजली जरूरी है। इसलिए इन क्षेत्रों की बिजली संरचनाओं की नियमित जांच और रखरखाव होना चाहिए।
मोबाइल ऐप से देखेंगे, किस अधिकारी ने कब किया निरीक्षण
बैठक में यह भी तय किया गया कि बिजली व्यवस्था के निरीक्षण और रखरखाव को कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। ऊर्जा सचिव और बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने बताया कि मोबाइल ऐप के जरिए निरीक्षण और रखरखाव के काम की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इससे अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण और निरीक्षण की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। किस इलाके में कब जांच हुई और क्या कमी मिली, इसकी भी निगरानी की जा सकेगी।
हर महीने उपकेंद्रों की जांच, अधिकारियों की जवाबदेही तय
ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर बिजली उपकेंद्रों और विद्युत संरचनाओं की जांच की जिम्मेदारी भी तय की गई है। हर महीने संबंधित क्षेत्र के 33 प्रतिशत वितरण उपकेंद्रों का निरीक्षण कनीय विद्युत अभियंता करेंगे। इनमें से 10 प्रतिशत का निरीक्षण सहायक विद्युत अभियंता और 5 प्रतिशत का निरीक्षण विद्युत कार्यपालक अभियंता करेंगे। 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्रों की भी हर महीने जांच होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिजली व्यवस्था सुरक्षित और सुचारु बनी रहे।
ढीले तारों पर तुरंत कार्रवाई, आग और शॉर्ट सर्किट रोकने का निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने बिजली लाइनों में ढीले और लटकते तारों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे तारों को तत्काल ठीक कराया जाए। बिजली के तारों के आपस में टकराने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा रहता है। इसलिए किसी भी इलाके में ऐसे तार नजर आएं तो उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। इसके अलावा बिजली लाइन में ब्रेकडाउन होने पर तय प्रक्रिया के अनुसार जल्द से जल्द बिजली बहाल करने का निर्देश दिया गया।
मंत्री का संदेश साफ- बिजली व्यवस्था में लापरवाही नहीं चलेगी
बैठक में ऊर्जा मंत्री का जोर इस बात पर रहा कि बिजली व्यवस्था को सिर्फ खराबी आने के बाद ठीक करने वाली व्यवस्था नहीं बनाया जाए। ट्रांसफॉर्मर, बिजली लाइन और उपकेंद्रों की पहले से जांच होती रहे, ताकि खराबी की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने के लिए नियमित निरीक्षण, समय पर रखरखाव और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई जरूरी है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के हर उपभोक्ता को सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले।
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