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News Samvad : अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इस साल यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान कई बार अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आती हैं। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने प्रमुख रूटों पर बस और टैक्सी के किराए तय कर दिए हैं।
ज्यादा किराया लिया तो होगा चालान
परिवहन विभाग ने साफ कहा है कि तय दर से अधिक किराया वसूलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहली बार शिकायत मिलने पर चालान काटा जाएगा। अगर बार-बार नियम तोड़े गए तो संबंधित वाहन का रूट परमिट भी रद्द किया जा सकता है।
श्रीनगर से बालटाल का किराया
बालटाल मार्ग अमरनाथ यात्रा का प्रमुख रास्ता माना जाता है। इस रूट पर बस का किराया प्रति यात्री 175 रुपये तय किया गया है। वहीं टैक्सी से यात्रा करने पर 386 रुपये देने होंगे।
बालटाल से जम्मू तक
बालटाल से जम्मू जाने वाले यात्रियों के लिए बस का किराया 643 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। टैक्सी का किराया 1421 रुपये निर्धारित किया गया है।
श्रीनगर से पहलगाम रूट
पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बस का किराया 173 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। टैक्सी से सफर करने पर 384 रुपये देने होंगे।
पहलगाम से जम्मू का किराया
पहलगाम से जम्मू जाने के लिए बस का किराया 434 रुपये प्रति यात्री रखा गया है। वहीं टैक्सी का किराया 959 रुपये निर्धारित किया गया है।
श्रीनगर से जम्मू का किराया
श्रीनगर से सीधे जम्मू जाने वाले यात्रियों के लिए बस का किराया 468 रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है। टैक्सी से यात्रा करने वालों को 1035 रुपये चुकाने होंगे।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित किराए की जानकारी जरूर रखें। यदि कोई चालक तय दर से अधिक पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी और यात्रा व्यवस्था भी पारदर्शी बनी रहेगी।अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा, परिवहन और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न विभाग लगातार काम कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।

