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Ranchi : रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 ग्राउंड में आयोजित बुनियादी प्रशिक्षुओं के पारण परेड समारोह-2026 में सीएम हेमंत सोरेन ने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अब वे सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि राज्य के करोड़ों लोगों की सुरक्षा और सेवा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और जनसेवा का प्रतीक है। समारोह में 4 डीएसपी और 336 आरक्षी प्रशिक्षण पूरा कर झारखंड पुलिस बल का हिस्सा बने। इनमें 255 पुरुष और 81 महिला आरक्षी शामिल हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने पारण परेड का निरीक्षण किया, शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया और प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कृत भी किया।
“30 सप्ताह की मेहनत के बाद आया यह दिन”
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन सभी प्रशिक्षुओं के लिए बेहद खास है। लंबे समय से वे इस क्षण का इंतजार कर रहे थे। लगभग 30 सप्ताह तक कठिन प्रशिक्षण लेने के बाद अब वे अपने जीवन के नए पड़ाव में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि इस बैच में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त जवानों के साथ-साथ जेपीएससी के माध्यम से चयनित डीएसपी अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे में यह दिन केवल प्रशिक्षुओं के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व का अवसर है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जताई खुशी
सीएम ने कहा कि इस बैच की सबसे सुखद बात महिलाओं की अच्छी भागीदारी है। करीब 25 प्रतिशत प्रशिक्षु महिलाएं हैं, जो यह दिखाता है कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिला जवानों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि पुरुषों और महिलाओं को समान अवसर मिले और हर क्षेत्र में दोनों की भागीदारी बराबरी की हो। पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती संख्या इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
“शपथ केवल औपचारिकता नहीं, यह बड़ी जिम्मेदारी है”
बारिश के बीच शपथ ग्रहण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ लेना सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं होती। इसी शपथ और प्रतिबद्धता की वजह से हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है। उन्होंने कहा कि आज जवानों ने जो शपथ ली है, वह केवल वर्दी पहनने की शपथ नहीं है, बल्कि जनता की सेवा, संविधान की रक्षा और अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज के बाद आप केवल एक व्यक्ति नहीं रह जाते हैं। अब आप राज्य के प्रहरी हैं। आपकी जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ जाती है।”
चुनौतियां आएंगी, लेकिन पीछे नहीं हटना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सेवा आसान नहीं होती। कई बार ऐसे हालात सामने आते हैं, जब अपनी जान जोखिम में डालकर भी लोगों की सुरक्षा करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के सदस्य सेवा के दौरान शहीद हुए, उनके अधूरे सपनों और जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के जवानों के कंधों पर है।
“प्रशिक्षण का असर अब मैदान में दिखना चाहिए”
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों को कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य कई विषयों की शिक्षा दी गई है। अब समय आ गया है कि उसका परिणाम जमीन पर दिखाई दे। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराध पर नियंत्रण रखने और किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने में पुलिस बल की भूमिका सबसे अहम होती है। यदि सभी जवान पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्य निभाएं तो हर समस्या का समाधान संभव है।
पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर सुविधाओं का भरोसा
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि मौसम खराब होने के कारण इस बार पारण परेड कार्यक्रम को पुलिस परिसर के भीतर आयोजित करना पड़ा। इसके बावजूद जवानों और उनके परिवारों का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस विभाग के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
बारिश में भी नहीं डिगा जवानों का हौसला
समारोह के दौरान झमाझम बारिश होती रही, लेकिन प्रशिक्षु जवानों का उत्साह देखने लायक था। उन्होंने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के जरिए अपने प्रशिक्षण और अनुशासन का प्रदर्शन किया। नव नियुक्त जवानों ने देश और राज्य सेवा, संविधान की रक्षा, पुलिस बल की गरिमा बनाए रखने, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ ली। समारोह में झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी प्रिया दूबे सहित पुलिस विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद थे।
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