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Rmgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के सदर अस्पताल में गुरुवार को उस समय खलबली मच गई, जब अस्पताल के नए और अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि अस्पताल के डॉक्टरों, मैनेजर और स्वास्थ्यकर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और फुर्ती से काम लिया। सही समय पर किए गए तालमेल की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया और अस्पताल में मौजूद सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन थिएटर के बिजली के बोर्ड और तारों में अचानक कोई तकनीकी खराबी आई, जिसके तुरंत बाद वहां से घना धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने ओटी के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। जैसे ही अस्पताल प्रशासन को इसकी खबर मिली, उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए इमरजेंसी सुरक्षा प्लान लागू कर दिया और पूरे अस्पताल को अलर्ट पर डाल दिया।
मरीजों को सुरक्षित वार्डों में किया गया शिफ्ट
आग की लपटें और धुआं देखकर अस्पताल प्रबंधन और उनकी टीम तुरंत एक्शन में आ गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने सबसे पहले ऑपरेशन थिएटर के आसपास के वार्डों में भर्ती मरीजों को वहां से निकाला। डॉक्टरों और नर्सों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मरीजों को तुरंत दूसरे सुरक्षित वार्डों में शिफ्ट किया। इस मुस्तैदी का ही नतीजा था कि हादसे में किसी भी मरीज, डॉक्टर या कर्मचारी को खरोंच तक नहीं आई।
अस्पताल के स्टाफ ने खुद पाया आग पर काबू
अस्पताल के कर्मचारियों ने हिम्मत और समझदारी का परिचय देते हुए आग को आगे बढ़ने से रोक दिया। अस्पताल परिसर में मौजूद अग्निशमन उपकरणों (फायर एक्स्टिंग्विशर) का सही और तुरंत इस्तेमाल करके आग पर काबू पा लिया गया। अगर स्टाफ ने तत्परता न दिखाई होती, तो आग अस्पताल के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकती थी और जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
जांच के आदेश, सेवाएं फिर से सामान्य
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने इस पूरी घटना की गहराई से जांच कराने की बात कही है ताकि दोबारा ऐसा न हो। राहत की बात यह है कि इस घटना के बाद भी अस्पताल का कामकाज ठप नहीं हुआ और मरीजों के इलाज व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। हालांकि, इस हादसे ने यह जरूर दिखा दिया है कि अस्पतालों में बिजली की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को हमेशा दुरुस्त रखना कितना जरूरी है।
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