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West Bengal : पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में 12 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी करने वाले मुख्य आरोपी प्रभास मंडल का पुलिस ने आधी रात को ‘हिसाब’ कर दिया। बीती रात करीब पौने एक बजे पुलिस एनकाउंटर में प्रभास मारा गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने मौके पर चालाकी दिखाते हुए एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली थी और फायरिंग करके भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मौके पर ही ढेर हो गया।
जब सीन री-क्रिएट करने पहुंची पुलिस
बरुईपुर थाना पुलिस के मुताबिक, बीती रात करीब 12:45 बजे जांच अधिकारी यानी केस आईओ अपनी टीम के साथ आरोपी प्रभास मंडल को लेकर सूर्यपुर इलाके में पहुंचे थे। पुलिस उसे उस तालाब और उसके आसपास के क्राइम सीन पर ले गई थी, जहां वारदात हुई थी। पुलिस का मकसद ‘क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन’ करना था, यानी यह समझना था कि आरोपी ने पूरी वारदात को किस तरह अंजाम दिया। तभी सीन री-क्रिएट करने से ठीक पहले प्रभास मंडल ने अचानक एक पुलिसकर्मी पर हमला किया और उसकी सर्विस पिस्टल झपट ली। पिस्टल छीनते ही उसने पुलिस टीम पर एक राउंड गोली चला दी और अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे सरेंडर करने को कहा, लेकिन जब उसने दोबारा बंदूक तानी, तो पुलिस को भी आत्मरक्षा में गोलियां चलानी पड़ी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में प्रभास वहीं ढेर हो गया। उसे तुरंत बरुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
तालाब में मिला था मासूम का शव
इस खौफनाक मामले की शुरुआत पिछले हफ्ते हुई थी, जब रविवार की सुबह बरुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक तालाब से 12 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में यह बात साफ हो गई कि बच्ची के साथ पहले दरिंदगी की गयी और फिर उसकी पहचान छिपाने या पकड़े जाने के डर से हत्या करके शव को तालाब में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और दोषियों को तुरंत पकड़कर सख्त सजा देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत छह सदस्यों की एक SIT बनाई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
पुलिस को स्थानीय लोगों से सुराग मिला था कि शनिवार को लापता होने से पहले बच्ची को कुछ लोगों के साथ देखा गया था। इसके बाद टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी प्रभास मंडल बच्ची के साथ दिखाई दिया। इसी फुटेज के आधार पर रविवार की शाम को प्रभास को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया। प्रभास से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों, दिवाकर सरकार और आनंद सरदार को दबोचा। जांच में सामने आया कि आनंद सरदार ही इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था। पुलिस का कहना है कि प्रभास मंडल लगातार बयानों को बदल रहा था और जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, इसीलिए सच का पता लगाने के लिए पुलिस उसे आधी रात को मौके पर लेकर गई थी, जहां इस एनकाउंटर के साथ ही उसका अंत हो गया।
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