Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Tuesday, 1 September, 2026 • 06:52 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » थाली सजाने वाला खुद दाने-दाने को मोहताज, बिचौलियों की जेब गर्म
Headlines

थाली सजाने वाला खुद दाने-दाने को मोहताज, बिचौलियों की जेब गर्म

July 16, 2026No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रात-दिन एक करके, हाड़-कंपाने वाली ठंड और झुलसाने वाली गर्मी में जो किसान पूरे देश का पेट भरता है, आज वही अपनी किस्मत पर आंसू बहाने को मजबूर है। देश के अन्नदाता सालभर खेतों में खून-पसीना बहाते हैं, लेकिन जब कमाई का वक्त आता है, तो असली मुनाफा उनकी जेब में जाने के बजाय बिचौलियों के खातों में पहुंच जाता है। धान, गेहूं से लेकर हरी सब्जियों तक, हर फसल को उगाने वाला किसान आज भी अपनी मेहनत की सही कीमत पाने के लिए दर-दर भटक रहा है।

बीज से लेकर बाजार तक सिर्फ संघर्ष

एक किसान की कहानी सिर्फ फसल बेचने से शुरू नहीं होती। खेत को तैयार करने से लेकर, महंगे दाम पर बीज खरीदना, समय पर सिंचाई करना, खाद और कीटनाशकों का इंतजाम करना और फिर दिन-रात जंगली जानवरों व मौसम से फसल की रखवाली करना, यह सब उसकी दिनचर्या का हिस्सा है। मौसम की बेरुखी, लगातार बढ़ती लागत और कभी सूखा तो कभी बाढ़ जैसी आपदाओं का सारा जोखिम अकेले किसान ही उठाता है। महीनों की इस कमरतोड़ मेहनत के बाद जब खेत लहलहाते हैं, तब कहीं जाकर किसान की आंखों में दो वक्त की रोटी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की उम्मीद जगती है।

मजबूरी का फायदा उठाते बिचौलिये

परेशानी तब शुरू होती है जब फसल कटकर तैयार हो जाती है। हमारे देश के ज्यादातर छोटे और मझोले किसानों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वे अपनी फसल को रोककर रख सकें। कर्ज चुकाने और घर के खर्चे चलाने के चक्कर में वे अपनी उपज को तुरंत बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

इसके ऊपर से, गांवों में न तो फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था है और न ही मंडियों तक जाने के लिए सस्ते साधन। इसी लाचारी का फायदा बिचौलिये उठाते हैं। वे किसानों से औने-पौने दाम पर धान, गेहूं, टमाटर, आलू, गोभी और मिर्च जैसी फसलें खरीद लेते हैं। हैरानी की बात यह है कि यही सब्जियां और अनाज जब शहरों की मंडियों और दुकानों तक पहुंचते हैं, तो इनकी कीमतें कई गुना बढ़ जाती हैं।

किसान भी परेशान और ग्राहक भी बेहाल

इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसमें मेहनत करने वाले किसान को उसकी लागत तक नहीं मिल पाती, और दूसरी तरफ शहर में रहने वाला आम उपभोक्ता (ग्राहक) उसी सामान को आसमान छूती कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर है। मेहनत किसान की, जेब ढीली जनता की, और मलाई काट रहे हैं बीच के चंद लोग। इस खेल के कारण किसान आज भी वहीं का वहीं खड़ा है, जहां वह सालों पहले था।

कैसे सुधरेगी अन्नदाता की हालत?

खेती-किसानी से जुड़े जानकारों का साफ कहना है कि जब तक इस व्यवस्था की कमियों को दूर नहीं किया जाएगा, हालात नहीं बदलेंगे। सरकार और प्रशासन को कुछ बड़े कदम उठाने होंगे…

  • किसानों को सीधे बाजार और बड़े खरीदारों से जोड़ने के लिए पुख्ता इंतजाम करने होंगे।
  • हर इलाके में सरकारी या कम किराए वाले कोल्ड स्टोरेज बनाने होंगे ताकि सब्जियां सड़ने के डर से किसान उन्हें सस्ते में न बेचें।
  • गांवों से मंडियों तक फसल पहुंचाने के लिए सस्ती और सुलभ परिवहन गाड़ियां उपलब्ध करानी होंगी।
  • सरकारी खरीद केंद्रों पर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ मिल सके।

आखिरकार, जिस किसान की बदौलत हर रोज हमारे और आपके घर की थाली सजती है, उसे अपनी मेहनत का हक और न्यायपूर्ण मूल्य मिलना ही चाहिए। अगर अन्नदाता कमजोर रहेगा, तो देश कभी मजबूत नहीं हो सकता।

इसे भी पढ़ें : रथ खींचने उमड़ा जनसैलाब, ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंज उठा रामगढ़

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleरथ खींचने उमड़ा जनसैलाब, ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंज उठा रामगढ़
Next Article डेंगू पर PMCH का सख्त पहरा, 20 बेड का स्पेशल वार्ड तैयार

Related Posts

Headlines

रैयाम-सकरी की नयी चीनी मिलों पर मंत्री सख्त, बोले- तय समय में पूरा करें काम

September 1, 2026
Headlines

एक्शन मोड में रामगढ़ पुलिस : 1971 अपराधियों का डेटाबेस तैयार, 258 की डिजिटल कुंडली खंगाली

September 1, 2026
Headlines

कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे के घर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार, कुर्की की चेतावनी

September 1, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

रैयाम-सकरी की नयी चीनी मिलों पर मंत्री सख्त, बोले- तय समय में पूरा करें काम

September 1, 2026

एक्शन मोड में रामगढ़ पुलिस : 1971 अपराधियों का डेटाबेस तैयार, 258 की डिजिटल कुंडली खंगाली

September 1, 2026

कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे के घर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार, कुर्की की चेतावनी

September 1, 2026

कार से पहुंचे दो लोगों की तलाशी ली, तो चौंक गयी पुलिस… जानें क्यों

September 1, 2026

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हाउस अरेस्ट… जानें क्यों

September 1, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.