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Patna : बिहार में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित करने की तैयारी चल रही है। दोनों परियोजनाओं को लेकर सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि मिलों की स्थापना से जुड़े सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि किसानों को इसका लाभ जल्द मिल सके। समीक्षा के दौरान दोनों चीनी मिलों की स्थापना, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर, वित्तीय प्रावधान, किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने की प्रक्रिया और इंडियन पोटाश लिमिटेड के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाओं को आपसी तालमेल के साथ तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
बंद मिलों की जमीन पर दो नई सहकारी चीनी मिलें
राज्य मंत्रिपरिषद पहले ही रैयाम और सकरी की बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित करने का फैसला ले चुकी है। दोनों परियोजनाओं के लिए संभाव्यता प्रतिवेदन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराने की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब इंडियन पोटाश लिमिटेड के माध्यम से नई मिलों की स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है। सरकार की योजना इन मिलों को सिर्फ चीनी उत्पादन तक सीमित रखने की नहीं है। मिलों के साथ गन्ने की खेती को बढ़ावा देने, किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। इससे गन्ना किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
दोनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 852.43 करोड़ रुपये है। इसमें रैयाम चीनी मिल परियोजना पर करीब 504.67 करोड़ रुपये और सकरी परियोजना पर लगभग 347.76 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना शुरू होने के बाद गन्ना उत्पादन के साथ परिवहन, कृषि सेवाओं और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
IPL के साथ MOU और जमीन लीज की प्रक्रिया पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में इंडियन पोटाश लिमिटेड के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन की प्रगति की भी जानकारी ली गई। विभाग की ओर से MOU का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और विभागीय मंत्री से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। अनुमोदित प्रारूप अब IPL को सहमति के लिए भेज दिया गया है। बैठक में रैयाम और सकरी चीनी मिलों की जमीन को प्रस्तावित रूप से IPL को 30 साल की लीज पर देने से जुड़ी प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना से संबंधित जरूरी औपचारिकताओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि स्थापना का काम आगे बढ़ाने में अनावश्यक देरी न हो।
27,980 किसानों ने सहकारी समितियों से जुड़ने के लिए किया आवेदन
नई चीनी मिलों की पूरी योजना में किसानों की भागीदारी को अहम माना जा रहा है। इसी के तहत रैयाम और सकरी के कमांड एरिया में प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। किसानों ने भी इसमें काफी रुचि दिखाई है। रैयाम कमांड एरिया से 12,264 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जबकि सकरी कमांड एरिया से 15,716 आवेदन मिले हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 27,980 किसानों ने सहकारी समितियों की सदस्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। फिलहाल आवेदनों के सत्यापन का काम चल रहा है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि दोनों चीनी मिल परियोजनाओं की सफलता किसानों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी। इसलिए सहकारी समितियों के जरिए किसानों को मिल से जोड़ने के साथ उन्हें खेती से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उन्नत गन्ना बीज, कृषि आदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है। मिट्टी जांच, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए गांव-वार गन्ना क्षेत्र का आकलन किया जाएगा और जरूरत के अनुसार क्षेत्र विस्तार की योजना बनाई जाएगी। किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए सहकारी बैंकों के साथ समन्वय किया जाएगा। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए Custom Hiring Centre के जरिए किसानों को कृषि मशीनरी और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी काम होगा।
सरकार का मानना है कि रैयाम और सकरी में नई सहकारी चीनी मिलें शुरू होने से गन्ना किसानों को फायदा होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर मिलों की स्थापना का काम जमीन पर उतारने की है। इसी वजह से समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने पर खास जोर दिया।
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, सहयोग समितियों के निबंधक रजनीश कुमार सिंह, अपर निबंधक न्यायिक विकास कुमार बारियार समेत विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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