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पटना। बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर और बाहर भारी गहमागहमी देखने को मिली। एक तरफ जहां नीतीश सरकार ने सदन में 87 हजार करोड़ का भारी-भरकम अनुपूरक बजट पेश किया, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने भी कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पहले दिन शोक प्रकाश के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वित्त मंत्री ने पेश किया 87 हजार करोड़ का बजट
सत्र के पहले दिन वित्तीय कार्यों को निपटाया गया, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण रहा अनुपूरक बजट। बिहार के वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। यह अनुपूरक बजट करीब 87 हजार करोड़ रुपये का है। जब वित्त मंत्री बजट पढ़ रहे थे, उस दौरान भी विपक्ष की तरफ से लगातार नारेबाजी होती रही।
जन्मदिन पर स्पीकर का आशीर्वाद लेने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
सत्र की शुरुआत होने से पहले विधानसभा में एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात की और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। संयोग से आज स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का जन्मदिन भी है, जिसके चलते विधान परिषद् में भी उनका विशेष स्वागत किया गया और मिठाई बांटी गई।
बधाइयों के बीच निशांत कुमार ने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद में मंत्री के तौर पर यह उनका पहला दिन है। इसलिए वह विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार एक बेहद अनुभवी नेता हैं और उनके पिता के भी काफी करीबी रहे हैं। ऐसे सीनियर नेता के मार्गदर्शन में काम करना उनके लिए गौरव की बात है।
नीट पेपर लीक और अपराध पर विपक्ष का जोरदार हंगामा
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर का सियासी पारा चढ़ गया था। महागठबंधन के विधायकों ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले और राज्य में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायक हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विपक्ष के विधायकों ने सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि सदन के अंदर भी जाकर जोरदार हंगामा किया।
एनडीए का पलटवार, पूछा- तेजस्वी यादव बिहार से कब तक गायब रहेंगे?
विपक्ष के हंगामे को देखकर सत्ता पक्ष यानी एनडीए के विधायकों ने भी मोर्चा संभाल लिया। एनडीए के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर महागठबंधन के नेताओं को घेरा। बीजेपी और जेडीयू के विधायकों ने पूछा कि तेजस्वी यादव कब तक वापस आएंगे, इसका जवाब विपक्ष के लोग क्यों नहीं दे रहे हैं? आखिर नेता प्रतिपक्ष बिहार से कब तक गायब रहेंगे? सदन में दोनों पक्षों के बीच काफी तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन बाद में स्पीकर के समझाने पर दोनों पक्षों के विधायक शांत हुए।
पहले दिन निपटाए गए ये जरूरी काम, फिर कार्यवाही स्थगित
तय कार्यसूची के मुताबिक, सदन की कार्यवाही की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष के प्रारंभिक संबोधन से हुई। इसके बाद नियमावली के तहत अस्थायी सदस्यों का मनोनयन किया गया और कार्य-मंत्रणा समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया। औपचारिक कामकाज के तहत राज्यपाल द्वारा जारी किए गए अध्यादेशों की कॉपियां सदन के पटल पर रखी गईं।
इसके साथ ही दोनों सदनों से पास हुई अनुपूरक मांगों से जुड़े संदेशों का विवरण और अलग-अलग समितियों की रिपोर्ट भी पेश की गई। पहले दिन के सभी जरूरी सरकारी काम पूरे होने के बाद, दिवंगत नेताओं को याद करते हुए शोक प्रस्ताव पढ़ा गया और इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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