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Koderma (Aftab Alam) : पति-पत्नी साथ हों तो घर संभालते हैं, परिवार चलाते हैं और मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देते हैं। लेकिन कोडरमा पुलिस ने जिस गिरोह का खुलासा किया है, उसमें पति-पत्नी की जोड़ी का काम कुछ और ही था। दोनों साथ निकलते थे, बाइक और उसके मालिक पर नजर रखते थे और मौका मिलते ही डिक्की खोलकर माल साफ कर देते थे। राजू दास और उसकी पत्नी ट्विंकल दास की यह जोड़ी लोगों की नजरों से बचकर बाइक की रेकी करती थी। इनके साथ गिरोह का एक और सदस्य धनराज प्रधान भी शामिल था। तीनों मिलकर ऐसी वारदातों को अंजाम देते थे, जिनमें पीड़ित को कुछ देर तक पता ही नहीं चलता था कि उसकी बाइक की डिक्की खाली हो चुकी है। चंदवारा थाना क्षेत्र के उरवां पेट्रोल पंप के पास आभूषणों से भरे बैग की छिनतई के मामले की जांच करते हुए कोडरमा पुलिस इस पति-पत्नी की जोड़ी तक पहुंची। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से लूटे गए आभूषणों की शत-प्रतिशत बरामदगी भी कर ली गई है।
डिक्की से माल उड़ाने में माहिर थे पति-पत्नी
पुलिस जांच में सामने आया कि राजू दास और उसकी पत्नी ट्विंकल दास गिरोह में साथ-साथ काम करते थे। दोनों की मौजूदगी से लोगों को शक भी कम होता था। पति-पत्नी होने के कारण वे सामान्य लोगों की तरह आसपास घूमते और बाइक मालिकों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। किस बाइक की डिक्की में सामान रखा है, कौन व्यक्ति कुछ देर के लिए बाइक से दूर जा रहा है और किस जगह पर आसानी से मौका मिल सकता है, इस पर नजर रखी जाती थी। मौका मिलते ही गिरोह का सदस्य बाइक के पास पहुंचता और खास तरह की टी आकार की मास्टर की से डिक्की खोल देता। इसके बाद सामान निकालकर सभी वहां से निकल जाते थे।
पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवा रहे थे अशोक सोनी, पीछे से खुल गई डिक्की
चंदवारा निवासी अशोक सोनी उरवां पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। उनकी बाइक में आभूषणों से भरा बैग रखा हुआ था। वह पेट्रोल भरवाने में व्यस्त थे। इसी दौरान अपराधियों ने उनकी बाइक को निशाना बना लिया। कुछ ही देर में बाइक की डिक्की खुली और उसमें रखा बैग गायब हो गया। अशोक सोनी को घटना का पता तब चला, जब उन्होंने बाद में बाइक की डिक्की खोली। बैग गायब देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मामला गंभीर था, क्योंकि अपराधियों ने भीड़भाड़ वाले पेट्रोल पंप के पास इतनी सफाई से वारदात की थी कि किसी को भनक तक नहीं लगी।
एसपी ने बनाई SIT, फिर शुरू हुआ पति-पत्नी की जोड़ी का पीछा
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी कुमार शिवाशीष ने SIT यानी विशेष टीम का गठन किया। चंदवारा थानाेदार शशि भूषण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर अपराधियों की पहचान की गई। जांच की कड़ियां जोड़ते-जोड़ते पुलिस को पता चला कि आरोपी ओडिशा के जाजपुर में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी की।
जाजपुर में पकड़ा गया पति, पत्नी तक पहुंची पूछताछ
पुलिस ने ओडिशा के जाजपुर से मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजू दास और धनराज प्रधान शामिल थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के दूसरे सदस्यों और लूटे गए आभूषणों के बारे में सारे राज उगल दिये। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास से राजू दास की पत्नी ट्विंकल दास को भी गिरफ्तार कर लिया। यानी जिस गिरोह की शुरुआत पति-पत्नी की जोड़ी से हुई थी, उसकी पूरी कड़ी पुलिस ने ओडिशा से कोडरमा तक जोड़ दी।
मास्टर की से खुलती थी बाइक की डिक्की
इस गिरोह के काम करने का तरीका भी काफी अलग था। पुलिस ने आरोपियों के पास से लोहे की टी आकार की मास्टर की बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इसी तरह की चाबी का इस्तेमाल बाइक की डिक्की खोलने के लिए किया जाता था। गिरोह के सदस्य पहले बाइक की रेकी करते थे। जैसे ही मालिक कुछ देर के लिए बाइक से दूर होता, डिक्की खोलकर सामान निकाल लिया जाता था। पूरी वारदात इतनी तेजी से होती थी कि बाइक मालिक को कई बार काफी देर बाद पता चलता था कि डिक्की से सामान गायब हो चुका है।
पति-पत्नी की जोड़ी ने कई राज्यों में बना रखा था नेटवर्क
एसपी कुमार शिवाशीष ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। गिरोह का नेटवर्क झारखंड, बिहार और ओडिशा समेत दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है। आरोपी एक राज्य में वारदात करने के बाद दूसरे राज्य में चले जाते थे। इसी वजह से पुलिस के लिए इन तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन इस बार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और मानवीय सूचना ने अपराधियों का पीछा नहीं छोड़ा। पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आखिरकार गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया।
लूटा गया पूरा आभूषण बरामद
पुलिस ने इस मामले में लूटे गए आभूषणों की शत-प्रतिशत बरामदगी की है। बरामद सामान में 16 जोड़ी पायल, 7 छोटे-बड़े गले के चेन, 11 बिछिया, 13 अंगूठियां और बच्चों के हाथ के 4 कंगन शामिल हैं। इसके अलावा लाल प्लास्टिक की चूड़ियों पर मढ़े हुए 3 कंगन, 786 लिखा हुआ एक वर्गाकार ताबीज, मां दुर्गा की तस्वीर वाला एक आभूषण, दो प्लेन ताबीज और सिलेंडर आकार के 9 ताबीज बरामद किए गए हैं। पुलिस को घंटीनुमा 4 आभूषण, बजरंगबली के आकार के 7 लॉकेट, एक कॉसनुमा लॉकेट, तीन चांदनुमा लॉकेट, 22 नाक के लॉगनुमा आभूषण और 4 नथिया भी मिली हैं।
बाइक, मोबाइल और वारदात का औजार भी मिला
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इसके अलावा Vivo और Samsung कंपनी के एक-एक मोबाइल फोन, मैरून रंग का पुराना बैग, जिस पर बर्मन लिखा हुआ था, और सिल्वर रंग का ज्वेलरी मापक यंत्र भी जब्त किया गया है। सबसे अहम बरामदगी लोहे की टी आकार की मास्टर की की है। यही वह औजार था, जिसके जरिए गिरोह बाइक की डिक्की खोलकर लोगों का सामान चुरा रहा था।
अब खुलेंगे गिरोह के पुराने राज
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में गिरोह की ओर से की गई कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि पति-पत्नी की यह जोड़ी और उनके साथी झारखंड, बिहार और ओडिशा में अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
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— News Samvad (@newssamvaad) July 20, 2026
एसपी बोले- अपराधियों पर पुलिस की पैनी नजर
एसपी कुमार शिवाशीष ने कहा कि कोडरमा पुलिस आम लोगों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है। जिले में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। अपराधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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