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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : 12वें वेतन समझौते में लगातार हो रही देरी को लेकर कोयला श्रमिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। श्रमिक संगठनों ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही वेतन समझौता समिति का गठन नहीं हुआ और पुराने लंबित मामलों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसकी शुरुआत 10 अगस्त से होगी, जब देशभर में कोल इंडिया की सभी इकाइयों के महाप्रबंधक कार्यालयों के सामने धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। यह फैसला राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ (सीटू) के क्षेत्रीय कार्यालय, केदला भूगर्भ परियोजना (हजारीबाग क्षेत्र) में आयोजित संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक में एनसीओईए, बीसीकेयू और जेसीएमयू (सीटू) के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता बसंत कुमार ने की।
समिति गठन में देरी से बढ़ रही नाराजगी
बैठक में नेताओं ने कहा कि 11वें वेतन समझौते की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है। नियम के अनुसार 1 जुलाई 2026 से नया वेतन समझौता लागू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक 12वें वेतन समझौते के लिए समिति का गठन तक नहीं किया गया है। इससे लाखों कोयला कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। श्रमिक नेताओं का कहना था कि वेतन समझौता केवल वेतन बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में अनावश्यक देरी कर्मचारियों के हितों के साथ न्याय नहीं है।
11वें वेतन समझौते के लंबित मामलों को भी जल्द निपटाने की मांग
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि 12वीं वेतन समझौता समिति का तुरंत गठन किया जाए। साथ ही 11वें वेतन समझौते से जुड़े सभी लंबित मामलों का भी जल्द समाधान किया जाए। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
10 अगस्त को देशभर में होगा प्रदर्शन
संयुक्त मजदूर मोर्चा ने निर्णय लिया कि 10 अगस्त को कोल इंडिया की सभी इकाइयों के महाप्रबंधक कार्यालयों के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन के जरिए केंद्र सरकार, कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया प्रबंधन का ध्यान श्रमिकों की मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा। नेताओं का कहना है कि यदि इसके बाद भी कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
5 अगस्त को होगी सभी यूनियनों की अहम बैठक
आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए 5 अगस्त को सीसीएल हजारीबाग क्षेत्र में विभिन्न ट्रेड यूनियनों की संयुक्त बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में एटक, सीटू, एचएमएस, इंटक और भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा और सभी यूनियनों की साझा रणनीति तय की जाएगी।
कई श्रमिक नेताओं ने लिया हिस्सा
बैठक में बलभद्र दास ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से वेतन समझौते को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अक्कल उरांव, हीरा यादव, मोहम्मद निसार, मोहम्मद रफीक, सुरेश सिंह, कन्हैया रविदास, शंभू प्रसाद, शंकर रजवार, जुगेश कुमार और संजीवन सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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