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Khagaria : खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में पुलिस ने ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IAS अधिकारी और भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताकर लोगों पर रौब जमाता था। युवक अपनी निजी गाड़ियों पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगाकर घूमता था। पुलिस के मुताबिक, वह अपनी पहचान का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने और ठगी की कोशिश के लिए करता था। पुलिस को युवक के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद शनिवार देर रात उसके घर और दूसरे ठिकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में विदेशी शराब, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र और वन्यजीव से जुड़ी सामग्री मिली। पुलिस ने आरोपी की दो गाड़ियों को भी जब्त किया है।
मोबाइल में दिखाया ‘सेंट्रल सतर्कता आयोग’ का ID कार्ड
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जमालपुर बाजार निवासी मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान मनीष ने पुलिस को अपने मोबाइल में एक आईडी कार्ड दिखाया। उस पर ‘मनीष कुमार, सेंट्रल सतर्कता आयोग’ लिखा हुआ था। इसके बाद उसने खुद को भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट भी बताया।
पुलिस ने जब उसके दावों की जांच शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला। पुलिस के सत्यापन में प्रथम दृष्टया उसके सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उसके घर और दूसरे ठिकानों की तलाशी ली। यहां से ऐसा सामान मिला, जिसने पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ा दिया।
आरोपी की निजी गाड़ियों पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगा हुआ था। पुलिस के अनुसार वह इन गाड़ियों के जरिए अपनी कथित सरकारी पहचान का रौब दिखाता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने इस पहचान के नाम पर कितने लोगों से संपर्क किया और किसी से ठगी की कोशिश की या नहीं।
घर से शराब, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को अलग-अलग ब्रांड की बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मिली। पुलिस के मुताबिक, कुल 29 ब्रांड की करीब 31.240 लीटर विदेशी शराब, 9.9 लीटर बीयर और 30 लीटर सोडा बरामद किया गया है। शराब बरामद होने के मामले में आरोपी के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस को घर से पांच एप्पल मोबाइल फोन और दो एप्पल लैपटॉप भी मिले हैं। इसके अलावा 4 टीबी की हार्ड डिस्क, 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और चार चेकबुक बरामद हुई हैं। इतनी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किस काम में किया जाता था।
पुलिस ने आरोपी की दो चारपहिया गाड़ियों को भी जब्त किया है। इनमें टेस्ला और टाटा सफारी शामिल हैं। इन गाड़ियों पर भारत सरकार का बोर्ड लगाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब गाड़ियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
बारहसिंघा के सींग और कछुआ भी मिला, दो केस दर्ज
तलाशी के दौरान पुलिस को बारहसिंघा के दो सींग भी मिले हैं। इसके अलावा घर में एक स्वीमिंग पूल मिला, जिसमें कछुआ पाला गया था। वन्यजीव से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई शुरू की है।
एसपी भानु प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने देर रात कार्रवाई की थी। आरोपी के पास से मिले दस्तावेजों की जांच की गई तो वे प्रथम दृष्टया फर्जी मिले। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में गोगरी थाना में कांड संख्या 286/26 और 287/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और बिहार मद्यनिषेध कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब मनीष से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी अधिकारी बनकर किन-किन लोगों से संपर्क किया था। साथ ही पुलिस उसके पास मिले मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और बैंकिंग दस्तावेजों की भी जांच करेगी। इससे यह साफ हो सकेगा कि वह सिर्फ रौब जमाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था या इसके पीछे ठगी का कोई बड़ा खेल भी था।
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