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Mumbai : बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं रहे। 56 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के नानावती अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी पीआर टीम और बिजनेस पार्टनर शिवम ने अभिनेता के निधन की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, वे पिछले करीब 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था, जहां गुरुवार शाम करीब 7 बजे उनका देहांत हो गया। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार, 25 सितंबर को मुंबई में किया जाएगा।
पांच साल पहले हुआ था कैंसर, हाल ही में दोबारा बिगड़ी तबीयत
मुश्ताक खान पिछले कुछ सालों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। करीब पांच साल पहले उन्हें कैंसर होने का पता चला था। उस समय उचित इलाज के बाद वे पूरी तरह ठीक हो गए थे और सामान्य जिंदगी जीने लगे थे। हालांकि, हाल ही में यह बीमारी एक बार फिर लौट आई। इसके बाद उनकी सेहत तेजी से गिरने लगी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके अचानक चले जाने से परिवार, करीबियों और फैंस के बीच गहरा सन्नाटा पसर गया है।
‘गुल खान’ बनकर जीता दिल, कॉमेडी टाइमिंग से बनाई खास पहचान
मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी सफर में दर्जनों फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। साल 2001 में आई सुपरहिट फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में निभाया गया उनका ‘गुल खान’ का किरदार दर्शकों के जेहन में आज भी ताजा है। इस रोल ने उन्हें घर-घर में एक अलग पहचान दिलाई। जब सालों बाद ‘गदर 2’ बनी, तो मुश्ताक खान एक बार फिर उसी अंदाज में पर्दे पर नजर आए। बड़े पर्दे के साथ-साथ उन्होंने टीवी की दुनिया में भी अपनी छाप छोड़ी और मशहूर कॉमेडी धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अपनी अदाकारी से लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।
छोटे किरदारों में जान फूंकने का हुनर, आखिरी वक्त तक रहे सक्रिय
मुश्ताक खान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी चाहे कुछ मिनटों की हो, वे अपने सहज अभिनय से उस सीन को हमेशा के लिए यादगार बना देते थे। उन्होंने ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘राजा’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वेलकम’, ‘वांटेड’, ‘ओह माय गॉड!’, ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में महत्वपूर्ण सहायक भूमिकाएं निभाईं। उम्र और बीमारी के इस दौर में भी उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा। हाल के दिनों में वे ‘जाट’, ‘धूम धाम’, ‘वनवास’, ‘बेबी जॉन’, ‘उदयपुर फाइल्स’ और ‘अन्वेषण’ जैसी फिल्मों में भी दिखाई दिए। हिंदी सिनेमा में एक स्वाभाविक और हंसमुख अभिनेता के रूप में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
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