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Home » ‘सरकार के दावे खोखले, सीएजी के आंकड़े बता रहे सच’, बाबूलाल ने हेमंत सरकार को घेरा
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‘सरकार के दावे खोखले, सीएजी के आंकड़े बता रहे सच’, बाबूलाल ने हेमंत सरकार को घेरा

August 12, 2026No Comments4 Mins Read
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Ranchi : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएजी रिपोर्ट को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट ने सरकार के कामकाज की कई कमियां सामने ला दी हैं। गरीबों के घर, ग्रामीणों को रोजगार और हर घर तक नल से पानी पहुंचाने जैसी योजनाओं में भी लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के सवाल उठे हैं। मरांडी ने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सीएजी के आंकड़े जमीनी हकीकत कुछ और बता रहे हैं।

जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया और योजनाओं की रफ्तार को लेकर सीएजी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कई निविदाओं में प्रतिस्पर्धा काफी कम रही। कुछ मामलों में अनुमानित लागत से अधिक दर पर काम दिए जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सीएजी ने एक ऐसे संवेदक को अलग-अलग निविदाओं के जरिए करीब 148 करोड़ रुपये के काम दिए जाने पर सवाल उठाया है, जिसकी निविदा क्षमता नकारात्मक थी।

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उन्होंने यह भी कहा कि कुछ निविदाओं में बोली की प्रक्रिया पर मिलीभगत के संकेत मिले हैं। रांची-पूर्वी और खूंटी प्रमंडल की कुछ निविदाओं में सिर्फ दो बोलीदाता थे। जांच में दोनों बोलीदाताओं के डिमांड ड्राफ्ट एक-दूसरे द्वारा खरीदे जाने की बात सामने आई है। मरांडी ने कहा कि ऐसे मामलों की पूरी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

आवास और मनरेगा में देरी का गरीबों पर असर

नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को लेकर कहा कि राज्य सरकार की देरी का सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ा। उनके अनुसार, लक्ष्य तय करने और लाभार्थियों को अंतिम रूप देने में देरी हुई। राज्य में 22.34 लाख पात्र परिवारों में से 6.32 लाख परिवार योजना के लाभ से बाहर रह गए। मरांडी ने कहा कि गरीब परिवार लंबे समय से पक्के घर का इंतजार करते हैं। ऐसे में सरकारी प्रक्रिया में देरी का सबसे ज्यादा असर उन्हीं परिवारों पर पड़ता है।

मनरेगा को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों को जरूरत के समय रोजगार देना इस योजना का मुख्य मकसद है, लेकिन राज्य में मनरेगा की निधियां 40 से 55 दिनों की देरी से जारी की गईं। सीएजी की जांच में ऐसे खर्च भी सामने आए जिन्हें योजना के तहत स्वीकार्य नहीं माना गया। मरांडी ने कहा कि रोजगार की जरूरत के समय पैसा और काम दोनों समय पर नहीं मिलना ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी परेशानी है।

बजट और केंद्र की राशि खर्च नहीं होने पर भी सवाल

बाबूलाल मरांडी ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2025 तक 1,60,565 करोड़ रुपये के खर्च से जुड़े उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे। वहीं वर्ष 2024-25 के 1,50,938.84 करोड़ रुपये के बजट में से 31,110 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। यह कुल बजट का 20.61 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि 13 केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए मिली 1,916.63 करोड़ रुपये की राशि में से 596.02 करोड़ रुपये यानी 31.10 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल नहीं हो पाया। मरांडी ने कहा कि एक तरफ सरकार विकास योजनाओं के लिए राशि की कमी की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध राशि का भी पूरा उपयोग नहीं कर पा रही है। इससे सरकार की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि सीएजी रिपोर्ट सिर्फ कुछ योजनाओं की कमियां नहीं बताती, बल्कि सरकार के पूरे प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज पर सवाल खड़े करती है। गरीबों को समय पर आवास नहीं मिलना, ग्रामीणों को रोजगार के लिए इंतजार करना और जल जीवन मिशन की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठना गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सीएजी रिपोर्ट में उठाए गए हर सवाल का जनता के सामने जवाब देना चाहिए और जहां गड़बड़ी हुई है, वहां जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

छात्रों के आंदोलन को लेकर डीसी-एसएसपी पर भी निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार देर रात रांची के डीसी और एसएसपी धरनास्थल पर पहुंचे और छात्रों को धमकाया। मरांडी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की कमेटी बनाई है। अगर कमेटी बनाई गई है तो उसे छात्रों से बात करनी चाहिए। अगर बातचीत नहीं करनी है तो कमेटी को भंग कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। सरकार को छात्रों की बात सुनकर उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार, मृत्युंजय शर्मा और केके गुप्ता भी मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें : छात्रों के आंदोलन को भाजपा का साथ, बाबूलाल बोले- JPSC-JSSC की CBI जांच कराए सरकार

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