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Home » बिहार की सहकारिता को दिल्ली में शाबाशी, शाह ने रामकृपाल यादव को दिया बड़ा भरोसा
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बिहार की सहकारिता को दिल्ली में शाबाशी, शाह ने रामकृपाल यादव को दिया बड़ा भरोसा

August 13, 2026No Comments4 Mins Read
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रामकृपाल
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New Delhi : बिहार में सहकारिता के कामकाज को और मजबूत करने और इसका सीधा फायदा किसानों तक पहुंचाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी सिलसिले में बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। संसद भवन में हुई इस मुलाकात में बिहार में सहकारिता क्षेत्र की स्थिति, अब तक हुए काम और आगे की जरूरतों को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। मुलाकात में रामकृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री को बिहार में सहकारिता के क्षेत्र में चल रहे कामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में सहकारी समितियों को मजबूत करने के साथ किसानों को खेती और कृषि उत्पादों के बेहतर बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान मधुबनी के सकरी में सहकारी चीनी मिल की स्थापना, बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

सकरी चीनी मिल से लेकर किसानों को बाजार देने तक की योजना

बैठक में मधुबनी के सकरी में सहकारी चीनी मिल की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सब्जियों के प्रसंस्करण और उनकी बिक्री के लिए बेहतर बाजार तैयार करने की दिशा में किए जा रहे कामों की जानकारी दी गई। सरकार की कोशिश है कि किसानों को केवल फसल बेचने तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि उनके उत्पाद का प्रसंस्करण और बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंच भी हो। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत बिहार में भंडारण की क्षमता बढ़ाने और किसानों को इसका लाभ देने पर भी बातचीत हुई। इसके साथ ही अंतरराज्यीय सहकारी समितियों की सदस्यता को लेकर राज्य में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी गई।

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पैक्स में बदलाव से किसानों को मिल सकती हैं कई सुविधाएं

बिहार में पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम भी बैठक का अहम मुद्दा रहा। सरकार पैक्स को केवल अनाज खरीदने या सहकारी कामकाज तक सीमित रखने के बजाय बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में किसानों को कई जरूरी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की तैयारी है। ‘सहकारिता में सहकार’ के तहत पैक्स के जरिए बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने की योजना पर भी चर्चा हुई। सहकारी संस्थाओं और पैक्स से जुड़े पदाधिकारियों के प्रशिक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया गया। साथ ही सहकारी समितियों के उत्पादों को देश के बड़े बाजारों के साथ विदेशों तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

किसानों के भुगतान और SFC की राशि का मुद्दा भी उठा

रामकृपाल यादव ने बैठक में बिहार के सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कुछ जरूरी मुद्दे सीधे केंद्रीय मंत्री के सामने रखे। इनमें पैक्स के कंप्यूटरीकरण के लिए सहयोग, बहुउद्देशीय सेवा केंद्रों के विकास और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान समय पर कराने की मांग प्रमुख रही। राज्य खाद्य निगम यानी SFC को समय पर राशि उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। सहकारिता मंत्री ने बताया कि समय पर भुगतान और पर्याप्त राशि उपलब्ध होने से किसानों तथा सहकारी समितियों के कामकाज में तेजी आएगी।

अमित शाह ने बिहार में सहकारिता को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राज्य को जरूरी सहयोग और मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया। बैठक में बिहार के विकास से जुड़े दूसरे मुद्दों के साथ मौजूदा राजनीतिक विषयों पर भी सकारात्मक बातचीत हुई। बिहार के सहकारिता क्षेत्र के लिए इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है, क्योंकि पैक्स और सहकारी समितियों को मजबूत करने से गांवों में किसानों तक सरकारी योजनाओं और बैंकिंग जैसी सुविधाओं की पहुंच बढ़ सकती है।

इसे भी पढ़ें : जमीन के लफड़े अब नहीं रोकेंगे चीनी मिलों का रास्ता, डॉ. दिलीप ने अफसरों को दिये सख्त निर्देश

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